Saturday, April 25, 2026
- Advertisement -

वनाधिकारियों की प्लॉनिंग के साथ ठिकाने बदल रहा तेंदुआ परिवार

  • पुराने ठिकाने से दो किमी अलग दिखे तीन तेंदुए विशेषज्ञों ने पदचिह्न देख बताए दो मादा

जनवाणी संवाददाता |

किठौर: तेंदुआ परिवार की चतुराई के आगे वन विभाग की तमाम तैयारियां बौनी पड़ गईं हैं। छह दिन की माथापच्ची के बाद भी तेंदुआ वनाधिकारियों की पकड़ से दूर है। धरपकड़ के लिए मुस्तैद वनरक्षकों और फतेहपुर के ग्रामीणों को पिछले 24 घंटे से तेंदुआ नजर नही आया है। हालांकि भड़ौली के ग्रामींणों को गुरुवार दोपहर असीलपुर-फतेहपुर संपर्क मार्ग स्थित रेत के टीले पर तेंदुआ परिवार दिखा। ग्रामीणों को देख दो तेंदुए तो दूर निकल गए जबकि एक टीले पर बैठा रहा। विशेषज्ञों ने पदचिह्न देख दो मादा और एक नर तेंदुए की पुष्टि की है।

गत शुक्रवार को फतेहपुर-भड़ौली के जंगल में कुछ चरवाहों को तेंदुआ दिखा। उन्होंने ग्रामीणों से इसकी चर्चा करते हुए सर्तकता बरतने की बात कही। कुछ अन्य ग्रामीणों ने भी जंगल में तेंदुए की पुष्टि की। दहशतजदा ग्रामींणों ने वनाधिकारियों को सूचना दी। बहरहाल शनिवार सुबह से वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के संग मिलकर तेंदुआ सर्च आॅपरेशन शुरु किया।

रविवार शाम लगभग 5:30 बजे ग्रामीणों को तेंदुआ राजवाहे के पास बाग में दिखा। ग्रामीणों ने इसकी वीडियो बनाकर वायरल कर दी। सोमवार को दिन निकलते ही वनरक्षक गांव पहुंचे और पुन: सर्च आॅपरेशन चलाया। जिसके बाद शाम लगभग 4:30 बजे तेंदुआ बाग के पीछे गन्ने के खेत में नजर आया। वनरक्षकों ने उच्चाधिकारियों को जानकारी देते हुए पिंजरा और बकरी की मांग की।

कुछ ही देर में वन अफसरों की टीम पिंजरा व बकरी लेकर मौके पर पहुंच गई और बाग में पिंजरा लगा दिया गया। लगभग एक घंटा बाद तेंदुआ न सिर्फ पिंजरें के पास आया बल्कि उसके अग्रिम भाग में काफी देर बैठा भी। इस पूरे घटनाक्रम को मुस्तैद वन टीम ने देखा।

तेंदुए ने बकरी के शिकार के लिए पिंजरे के उपर छलांग लगाई तो पिंजरा बंद हो गया। जिसके बाद मंगलवार सुबह 5:00 बजे दो तेंदुए पिंजरे के सामने वनटीम और ग्रामीणों ने बैठे देखे। इतना ही नही मौके पर पहुंची वाइल्ड लाइफ की टीम ने पूरा तेंदुआ परिवार देखा।

बदलती प्लॉनिंग को भांपता रहा तेंदुआ

मंगलवार को वाइल्ड लाइफ इंचार्ज जीएस खुशारिया और डीएफओ राजेश कुमार ने मंत्रणा कर बाग के अलावा अन्य स्थान पर एक किमी दूर दूसरा पिंजरा भी लगवा दिया। इस बीच सक्रिय तेंदुआ परिवार शेहों का शिकार करते हुए पिंजरों के पास भी आता जाता रहा। बुधवार को वन संरक्षक गंगा प्रसाद डीएफओ को लेकर मौके पर पहुंचे जिनके निर्देश पर कैमरा टेप लगाने के साथ ही गुरुवार को तीसरा पिंजरा बदला गया। बकरे के स्थान पर पिंजरे में कुत्ते रख दिए गए।

नई प्लॉनिंग पर तेंदुए ने बदला ठिकाना

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कैमरा टेप लगते ही तेंदुए ने ठिकाना बदल दिया। तेंदुआ पिछले 24 घंटे से बाग और पिंजरों के आसपास नही बल्कि दो किमी दूर असीलपुर-फतेहपुर संपर्क मार्ग स्थित भड़ौली निवासी रामकेश के खेत में रेत के टीले पर पूरा परिवार देखा गया। ग्रामीणों को देख दो तेंदुए तो दूर निकल गए, लेकिन एक टीले पर बैठा रहा। बाद में विशेषज्ञों ने पदचिह्न देख दो मादा और एक नर तेंदुआ होने की पुष्टि की।

बोले-रेंजर निकल रहा पॉजिटिव रिजल्ट

वनक्षेत्राधिकारी परीक्षितगढ़ जगन्नाथ कश्यप का कहना है कि जहां पर गुरुवार को तेंदुए दिखे वहां से वनक्षेत्र ज्यादा दूर नही। अगर तेंदुए और आगे बढ़ते है तो वह वन विभाग द्वारा खादर में बने 40 वन ब्लॉकों में प्रवेश कर जाएंगे। जिससे राष्ट्रीय धरोहर भी बचेगी और मानव समाज भी सुरक्षित हो जाएगा।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

कैसे बनाए जाते हैं शीतल पेय

आनंद कु. अनंत ग्रीष्म के आगमन के साथ ही बाजार...

महिला आरक्षण की मृगतृष्णा की उलझन

भारतीय राजनीति के रंगमंच पर इन दिनों एक नया...

केंद्र के साए में बंगाल के चुनाव

1952 से ही भारत में एक सुगठित चुनाव प्रणाली...

विदेश भेजने के नाम पर ठगी

कई युवाओं की विदेश में नौकरी की चाहत होती...
spot_imgspot_img