जनवाणी ब्यूरो |
मुजफ्फरनगरः एक ओर जहां सरकार गोवंश संरक्षण व सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं, वहीं पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों का मानना है कि गो सुरक्षा की जिम्मेदारी एक मुसीबत है। इसमें अनावश्यक कार्य करना पड़ता है। इस बात से यह अंदाजा लगया जा सकता है कि कर्मचारी कितने गंभीर हैं।

गौरतलब है कि भोपा थाना क्षेत्र के कस्बा भोकरहेडी स्थित पशु चिकित्सालय में तैनात एक चतुर्थ श्रेणी द्वारा कराये गये कृत्रिम गर्भाधान के बाद एक भैंस की मौत हो गई थी। भैंस की मौत से क्षुब्ध ग्रामीणों ने चिकित्सालय में पशु चिकित्सा अधिकारी की गैर माजूदगी पर सवाल उठाये थे।

जब ग्रामीणों ने यहां तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जयवीर सिंह पर सवाल उठाये थे, तो वह झल्ला उठा था और उसने कैमरे के सामने तेश में आकर बोला कि उनकी जान पर गोशाला बवाल बनकर खड़ी हैं, जिसके चलते उन्हें अनावश्यक कार्य करना पड़ रहा है।

कर्मचारी के अनुसार गोशाला के पशुओं के उपचार के लिए जाना उन्हें गंवारा नहीं है और वह इस कार्य से दुखी हैं। वह इस कार्य को अनावश्यक कार्य मानते हैं। कर्मचारी की यह वार्ता शैली जाहिर कर रही है कि वह मुख्यमंत्री की भावनाओं का कितना सम्मान करते हैं।

