जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शीलकुंज के पीछे दो हजार वर्ग मीटर के एक फॉर्म पर एमडीए ने शुक्रवार को बुलडोजर चला दिया। इस फॉर्म की चार दीवारी की गई थी। बीच में सड़क भी बनी थी, लेकिन इसमें किसी तरह की प्लाटिंग नहीं की गई थी। बुलडोजर चलाने पर लोगों ने भारी विरोध भी कर दिया।
एमडीए के बुलडोजर के आगे लोग लेट गए। विरोध करने वालों का कहना था कि जब यहां किसी तरह की प्लाटिंग नहीं की जा रही थी तो फिर बुलडोजर क्यों चलाया? इसको लेकर घंटे भर तक बवाल चलता रहा। उधर, एमडीए के जोनल अधिकारी राजीव कुमार व जेई राजेश त्यागी ने दावा किया है कि जिस स्थान पर एमडीए ने बुलडोजर चलाया है, यहां पर कॉलोनी विकसित की जा रही थी।
हालांकि दो हजार वर्ग मीटर की जमीन पूरी तरह से समतल थी तथा उसकी बाउंड्री वाल कराई गई थी। एमडीए की इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। एमडीए इंजीनियरों की टीम शुक्रवार की सुबह पल्लवपुरम थाने पर पहुंची। यहां पर एमडीए इंजीनियरों ने फोर्स की मांग की, जिसमें करीब दो घंटे लग गए।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई मजिस्ट्रेट की देख-रेख में चलता है, इसलिए मजिस्ट्रेट को भी आने में विलंब हो गया। काफी देर तक एमडीए की टीम थाने पर ही बैठी रही। फोर्स मिलने के बाद एमडीए के जोनल अधिकारी राजीव सिंह, जेई राजेश त्यागी व अन्य स्टाफ जेसीबी मशीन लेकर शीलकुंज कॉलोनी के पीछे पहुंचे, जहां पर करीब दो हजार वर्ग गज जमीन का आहाता घिरा हुआ था।
इसकी बाउंड्रीवाल करीब पांच फीट ऊंची कराई गई है। बीच में कहीं कोई निर्माण नहीं है। आने-जाने के लिए सड़क अवश्य बनी थी, जिस पर एमडीए ने जेसीबी मशीन लगाकर ध्वस्त कर दिया। जैसे ही ध्वस्तीकरण का कार्य आरंभ किया, तभी बड़ी तादाद में लोग जेसीबी मशीन के आगे लेट गए तथा भारी विरोध कर दिया।
पुलिस ने लोगों को दौड़ाया, लेकिन लोग डटे रहे। लोगों का कहना था कि जब यहां कॉलोनी नहीं काटी जा रही है तो फिर बुलडोजर क्यों चलाया जा रहा है? एमडीए के अनुसार जिस कॉलोनी पर बुलडोजर चलाया यह अनिल चौधरी की होना बताया जा रहा है।
इसके ध्वस्तीकरण आदेश पहले किये जा चुके हैं। उधर, अनिल चौधरी ने कहा कि यह उनका फॉर्म हाउस के लिए जमीन घेरी गई थी। यहां पर कोई कॉलोनी नहीं काटी गई। एमडीए ने गतल ध्वस्तीकरण किया है, जिसकी शिकायत की जाएगी तथा एमडीए के खिलाफ हाईकोर्ट में जाएंगे।
10 को उदय सिटी में चलेगा बुलडोजर
एमडीए की तरफ से अब 10 फरवरी को उदय सिटी में अवैध निर्माण पर एमडीए बुलडोजर चलायेगा। एमडीए जोनल अधिकारी राजीव सिंह का कहना है कि इसके लिए फोर्स की मांग की गई। उदय सिटी कॉलोनी का कोई मानचित्र स्वीकृत नहीं है। बिना मानचित्र के ही कॉलोनी विकसित कर दी गई।
हालांकि बिल्डर कॉलोनी को बेचकर चला गया है, जिसके बाद लोग यहां पर रह भी रहे हैं। ऐसे में एमडीए की टीम का भारी विरोध होना भी तय माना जा रहा है, लेकिन एमडीए के अफसरों ने फोर्स की मांग करते हुए ध्वस्तीकरण करने की पूरी प्लानिंग कर ली है।

