जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भाकियू ने वेस्ट यूपी में चक्का जाम का ऐलान वापस ले लिया था। भाकियू कार्यकर्ता कलक्टेÑट में सिर्फ ज्ञापन देने पहुंचे, लेकिन यहां ज्ञापन लेने के लिए जब डीएम नहीं आये थे भाकियू कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए तथा नारेबाजी करने लगे।
भाकियू नेताओं का कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने के लिए पहुंचे थे, मगर डीएम उनका ज्ञापन लेने ही नहीं पहुंचे, जिसके चलते धरने पर बैठना पड़ा। इसको लेकर थोड़ी तनातनी हो गई थी। शनिवार को प्रदेश भर में चक्का जाम रद करने के निर्णय के बाद भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी सुबह 11 बजे जिला मुख्यालय पर कलक्ट्रेट में पहुंचे।
यहां डीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने गए थे, लेकिन डीएम के न मिलने पर कलक्ट्रेट परिसर में ही भाकियू कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। मौके पर एसीएम चतुर्थ सौम्या और एसीएम तृतीय संदीप कुमार श्रीवास्तव भाकियू प्रतिनिधिमंडल के पास पहुंचे, लेकिन पदाधिकारियों ने ज्ञापन देने से उन्हें मना कर दिया।
भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी ईकड़ी ने कहा कि वह केवल डीएम को ही ज्ञापन सौंपेंगे। भाकियू प्रतिनिधिमंडल डीएम को ज्ञापन सौंपने की बात पर अड गए थे। बाद में एडीएम उनके बीच पहुंचे, तब उन्हें ज्ञापन दिया गया। भारतीय किसान यूनियन के साथ भारतीय किसान आंदोलन भी ज्ञापन देने पहुंचा है।
जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी ईकडी के नेतृत्व में राजकुमार करनावल, बबलू जटौली, धीर सिंह, सत्यवीर जंगेठी, सुनील जटौली, आनंद जौहरी, अनमोल चौधरी, बिट्टू जंगेठी और भारतीय किसान आंदोलन से कुलदीप त्यागी, विजय काजला, सुशील गौड, रविन्द्र ध्यानी, कपिल राज शर्मा, बबलू सैनी, अजय माहेश्वरी, मनोज गिरी व कपिल सिंघल आदि मौजूद रहे। हालांकि भाकियू कार्यकर्ताओं के कलक्ट्रेट में पहुंचने की सूचना से पहले ही बड़ी तादाद में पुलिस तैनात की गई थी, लेकिन भाकियू दल-बल के साथ नहीं आयी। कार्यकर्ताओं की संख्या कम थी।

