जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: उत्तराखंड के चमोली में बीते रविवार(सात फरवरी) को आई आपदा के बाद से अब तक 160 लोग लापता हैं। वहीं, रैणी और तपोवन क्षेत्र से 41 व सुरंग से चार शव मिल चुके हैं। आपदा के बाद अब तक कुल 44 शव बरामद हुए हैं। सुरंग में फंसे 31 लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरफ की टीमें लगातार मलबा निकलाने में लगी हुई हैं।
सुबह से अब तक छह शव बरामद
डीजीपी अशोक कुमार के अनुसार, सुरंग में रेस्क्यू कार्य जारी है। आज अभी तक सुरंग से चार और रैणी गांव में मलबे से दो शव मिले हैं। अब तक कुल छह शव बरामद हुए हैं। कुल मृतकों की संख्या 44 हो गई है।
चमोली की तपोवन टनल में रेस्क्यू कार्य जारी है। आज अभी तक टनल से 04 एवं रैनी गांव में मलबे से 03 शवों के साथ कुल 07 शव बरामद हुए हैं।#Chamoli #TapovanTunnel #RescueOperation pic.twitter.com/1Bi8rha0Qn
— Ashok Kumar IPS (@Ashokkumarips) February 14, 2021
रैणी गांव से मिले दो शव
रैणी गांव से रेस्क्यू टीम को दो शव मिले हैं। तपोवन और रैणी क्षेत्र से अब तक 38 शव बरामद हो चुके हैं। वहीं, सुरंग से तीन शव मिल चुके हैं। कुल मृतकों की संख्या 43 पहुंच गई है।
एक और शव मिला, सुरंग से अब तक मिले तीन शव
सुबह करीब 11:15 बजे सुरंग के अंदर से एक और शव बरामद हुआ है। सुबह से अब तक तीन लोगों के शव मिल चुके हैं। वहीं कुल मृतकों की संख्या 41 हो चुकी है।
Uttarakhand: One more body recovered from Tapovan tunnel today; a total of 41 bodies recovered so far, says State Disaster Response Force pic.twitter.com/TdSXFu7g45
— ANI (@ANI) February 14, 2021
डीएम ने किया बैराज साइड का निरीक्षण
तपोवन में दो शव मिलने के बाद जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया और पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बैराज साइड का निरीक्षण किया। उनके साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी मौजूद रहीं। डीएम का कहना है कि तलाश अभियान तेजी से चल रहा है। बैकअप में सात एंबुलेंस, पोस्टमार्टम टीम और एक हेलीकॉप्टर भी रखा गया है। अगर कोई भी व्यक्ति जिंदा बरामद किया जाता है तो उसे तुरंत उपचार देने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।
— chamoli police (@chamolipolice) February 14, 2021
उत्तराखंड के थे दोनों मृतक
जिला प्रशासन के अनुसार, सुबह मिले दोनों शव उत्तराखंड के निवासी थे। शवों की शिनाख्त अनिल सिंह निवासी कालसी और आलम सिंह निवासी लोयर गांव, गुल्लर घाटी के रूप में हुई है। आलम सीनियर इलेक्ट्रॉशियन था, जबकि अनिल वेल्डर था। अन्य लोग सुरंग से कुछ दूर हो सकते हैं। तलाशी अभियान जारी है।
सुबह पांच बजे सुरंग के अंदर से मिले दो शव
उत्तराखंड के चमोली में आपदा के एक हफ्ते बाद तपोवन में सुरंग के अंदर से दो शव बरामद किए गए हैं। चमोली थाना प्रभारी जोशीमठ सतेंद्र सिंह के अनुसार पहला शव सुबह करीब पांच बजे मिला। इसके बाद आगे खोदाई करने पर दूसरा शव बरामद हुआ। 33 लोगों की खोज अभी भी जारी जारी है। चार लोग और दिखाई दे रहे हैं। लेकिन उनके पास तक नहीं पहुंचा जा सका है।
Recovered 2 bodies from the slush of the main tunnel at tapovan where rescue operation was going on since 7th Feb.. Uttarakhand police SDRF and NDRF jawans taking out the body .. pic.twitter.com/o2ZzSyfOs8
— Ashok Kumar IPS (@Ashokkumarips) February 14, 2021
बता दें कि सुरंग के अंदर से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। रात में जमीन के अंदर सपोर्ट नहीं मिलने पर सुरंग में ड्रिल कार्य बंद कर दिया गया था। चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि निर्धारित दूरी तक ड्रिल के बाद पानी निकल रहा है। सम्भवतः नीचे पानी और मलबा घुसा है। बता दें कि आपदा में अब तक 164 लोग अभी भी लापता हैं। जबकि रैणी और तपोवन क्षेत्र से 38 व सुरंग से दो शव मिल चुके हैं।
धौली गंगा का रुख मोड़ने में जुटी मशीनें
सुरंग और बैराज साइट से मलबा हटाने के लिए अब धौली गंगा का रुख मोड़ा जा रहा है। बैराज साइट गेट नंबर एक से दो जेसीबी और सुरंग साइट से एक जेसीबी मलबे हटाने के लिए लगी है। यहां जेसीबी को नदी में उतारने के लिए एप्रोच सड़क का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि जिस दिन धौली गंगा में सैलाब आया, उस दिन बैराज साइट में कई मजदूर काम कर रहे थे, जिनके बैराज में दबे होने की आशंका है। ऋषि गंगा में आई बाढ़ के बाद बैराज साइट पर स्थित मुख्य टनल में टनों मलबा घुसने के साथ ही बैराज भी मलबे से भर गया है।
बैराज में करीब बीस फीट तक मलबा जमा है, जिससे नदी के पानी से बैराज में दलदल बनी है। यहां मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए नदी का रुख मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए शनिवार से कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
बैराज साइट का मलबा हटाने के लिए एप्रोच सड़क भी बनाई जा रही है। इस काम में तीन जेसीबी जुटी हुई हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि बैराज साइट का मलबा हटाने के लिए मशीनें लगा दी गई हैं। नदी का रुख मोड़कर मलबा हटाने का काम शुरू किया जाएगा।
बैराज साइट का मलबा हटाने के लिए मशीनें लगा दी गई हैं। नदी का रुख मोड़कर मलबा हटाने का काम शुरू किया जाएगा। – स्वाति एस भदौरिया, जिलाधिकारी, चमोली

