जनवाणी संवाददाता |
बड़गांव: गांव शब्बीरपुर में सोमवार को संत रविदास जयंती शोभायात्रा परंपरागत रूट से निकलने की बजाय न्यायालय द्वारा निर्धारित मार्ग से निकलवाने वाली बात को लेकर नाराज चल रहे कुल छह लोगों ने आखिर बौद्ध धर्म की दीक्षा ग्रहण की है।
बता दें कि शब्बीरपुर गांव में अनुसूचित जाति के लोग संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती पर्व के मौके पर गांव में परंपरागत मार्ग से शोभायात्रा निकालने जाने वाली बात को अडिग है और पिछले दो वर्षों से नाराज चले आ रहे हैं, जबकि प्रशासन वर्ष 2017 से गांव में भड़की जातीय हिंसा के बाद से सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। इसलिए तभी से प्रशासन परंपरागत मार्ग की बजाय गांव में शोभायात्रा को निर्धारित मार्ग से निकाले जाने की अनुमति देने पर ही सहमत है।
सोमवार को इसी बात से नाराज चल रहे अनुसूचित जाति के कुल छह लोग सुदेश, आयुष,अंजना,हरीश,नमन एवं विनय बौद्ध ने अपना धर्म बदलकर बौद्ध धर्म अपनाया है। हालांकि दो दिन पहले इन्होंने धर्म परिवर्तन करने के लिए पंजीकरण कराकर प्रशासन को इसकी चेतावनी दी थी।
शब्बीरपुर गांव निवासी सुदेश, शिवकुमार, मनवीर, अग्निभास्कर आदि के नेतृत्व में समाज के लोगों की गांव में बैठककर धर्म परिवर्तन का फैसला लिया था इससे पहले भी उक्त गाँव के सैकड़ों से भी ज्यादा लोग बौद्ध धर्म अपना चुके है।
सोमवार को गांव के रविदास मंदिर पर आयोजित कार्यक्रम में अनुसूचित जाति के कुल छह लोगों ने धर्म-परिवर्तन कर बौद्ध धर्म की दीक्षा ली। दीक्षा लेने के बाद भीम नमो बुद्धाय के उद्घोष के साथ सभी बौद्ध धर्मियों ने मौजूद धम्म भनते आन्नद सागर एवं भंते बुद्ध घोष से आशीर्वाद भी लिया।

