Monday, March 8, 2021
Advertisment Booking
Home Uttar Pradesh News Meerut एसपी ट्रैफिक संज्ञान शून्य, शहर में वाहनों से लूट

एसपी ट्रैफिक संज्ञान शून्य, शहर में वाहनों से लूट

- Advertisement -
0
  • पुलिसकर्मियों की पर्याप्त संख्या और संपूर्ण संसाधन होने के बावजूद बिगड़ रही यातायात व्यवस्था
  • चौराहे से कुछ ही दूरी पर खड़े होकर उगाही में व्यस्त रहते है ट्रैफिककर्मी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या व सड़कों पर अतिक्रमण और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से शहर के प्रत्येक चौराहे पर जाम लगना आम हो गया है। वहीं शहर के चौराहों पर लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल किसी काम के नहीं है।

एसपी ट्रैफिक की यह अनदेखी आमजन को भारी पड़ रही है। यही नहीं शहर में जगह-जगह ट्रैफिककर्मी भी चौराहे को छोड़कर कुछ दूरी पर खड़े होकर खुलेआम उगाही करते हुए देखे जाते है। इसके बावजूद एसपी ट्रैफिक का सिर्फ एक ही जवाब रहता है कि वह मामले की जांच कराएंगे या फिर मामला उनकी संज्ञान में नहीं है। जबकि आए दिन ट्रैफिककर्मियों की वसूली करते हुए फोटो भी समाचार पत्रों में प्रकाशित होती रहती है।

दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन चालकों से खुलेआम हो रही उगाही के चलते शहर का पुलिस प्रशासन बदनाम हो रहा है। यही नहीं दूसरे राज्यों में शहर पुलिस की उगाही चर्चे भी होना आम हो गया है। ट्रैफिक पुलिस का हाल इस वक्त ऐसा हो चुका है कि दिनभर दूसरे राज्यों की गाड़ियों को निशाना बनाकर जमकर वसूली की जा रही है और रात के समय यूपी नंबर की गाड़ियों को भी नहीं बख्शा जा रहा है।

शहर में इस वक्त ट्रैफिक पुलिस के चल रहे इस खेल से एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव भी अनजान है। जब उनसे एक संबंध में पूछा जाता है तो वह सिर्फ एक ही जवाब देते है कि ऐसा मामला उनके संज्ञान में नहीं है और वह इसकी जांच कराकर कार्रवाई कराएंगे। जबकि आज तक एक भी ट्रैफिककर्मी के खिलाफ एसपी के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

हालांकि कुछ दिनों पहले डीजीपी ने आदेश जारी किए थे कि दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन चालकों को चेकिंग के नाम पर परेशान न किया जाए। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस की आदत में शुमार उगाही करने का सिलसिला लगातार जारी है।

ट्रैफिक पुलिस मतलब वसूली करने वाला

ट्रैफिक पुलिस की इस कार्यप्रणाली से उसकी छवि केवल वसूली करने वाली एजेंसी के रूप में बन गई है। शहर में आमजन के हालात ऐसे बन चुके है कहीं भी यदि ट्रैफिक पुलिस के जवान दिखाई दे जाएं तो वाहन चालक अपना रास्ता बदल लेते है। चाहे उसे फिर कितना भी लंबा सफर तय क्यों न करना पड़ें।

वैसे ट्रैफिक पुलिस के पास कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या व अन्य किसी काम से नहीं जाता। ट्रैफिक पुलिस का काम सिर्फ शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखना है। इसके बावजूद अब ट्रैफिक पुलिस ने यातायात व्यवस्था को छोड़कर वसूली करने में ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया है।

चौराहे से चंद दूरी पर ही होती है वाहन चालकों से वसूली

तेजगढ़ी चौराहे की बात करें तो यहां ट्रैफिककर्मी हर मार्ग पर खड़े रहते है और दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन चालकों को रोककर खुली उगाही करते है। यही नहीं इस चौराहे के चारों ओर डिग्गी मोड़, बीएसएनएल आॅफिस के सामने व शास्त्रीनगर को जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिककर्मी खड़े रहते है।

इन मार्गों से होकर जाने वाले दूसरे राज्यों के वाहन चालकों से खुली वसूली की जाती है। तेजगढ़ी चौराहे पर हो रही खुली वसूली की शिकायत स्थानीय लोगों द्वारा भी पुलिस अधिकारियों से कई बार की जा चुकी है, लेकिन अधिकारियों ने भी इस कोई ध्यान नहीं दिया है।

दिल्ली रोड पर बाहरी गाड़ियों के चालकों को देना पड़ रहा कई जगह ‘टैक्स’

शहर में ट्रैफिक पुलिस की वसूली इस कदर बढ़ चुकी है कि दिल्ली रोड पर बाहरी गाड़ियों के चालकों को कई जगहों पर टैक्स देना पड़ रहा है। संजय वन से लेकर फुटबाल चौराहे तक ट्रैफिक पुलिस जवान जगह-जगह खड़े रहते है और बाहरी गाड़ियों को रोककर उनसे वसूली करने में लग जाते है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को फुटबाल चौराहे पर दैनिक जनवाणी के छायाकार ने अपने कैमरे में कैद किया।

शहर में आने वाली बाहरी गाड़ियों से वसूली करना ट्रैफिक पुलिस का कोई नया काम नहीं है। ट्रैफिक पुलिस की इस वसूली की चर्चा शहर ही नहीं बल्कि आसपास के जनपदों समेत कई राज्यों में है। उच्चाधिकारियों तक मामला जाने के बाद भी ट्रैफिक पुलिस की वसूली थमने का नाम नहीं ले रही है।

हालांकि यह मामला लखनऊ तक पहुंचा तो डीजीपी ने भी ट्रैफिक पुलिस को सचेत करते हुए बाहरी गाड़ियों के चालकों से ज्यादती न करने के निर्देश दिए थे, लेकिन ट्रैफिक पुलिस का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात ऐसे बन चुके है कि ट्रैफिक पुलिस शहर के सभी मुख्य मार्गों पर जगह-जगह खड़ी रहती है और बाहर गाड़ियों को रोककर उनसे वसूली करने में जुट जाती है।

सोमवार को जब दैनिक जनवाणी के छायाकार ने फुटबाल चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस का स्टिंग किया तो वहां मौजूद ट्रैफिककर्मियों ने अलग-अलग खडे होकर कार सवारों को चेकिंग के नाम पर रोककर उनसे सांठगांठ की। हालांकि इस दौरान उन कारों के पीछे वाहनों की लंबर कतार भी लग गई। जिस कारण वहां जाम की स्थिति बनी रही।

What’s your Reaction?
+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments