- डालूहेड़ा निवासी एवं दिल्ली पुलिस के सिपाही को दो दिन पूर्व बदमाशों ने मारी थी गोली
- लूट का विरोध करने पर मारी गई थी गोली, पुलिस ने मुकदमे में लूट का नहीं दिखाया मामला
- मृतक सिपाही के परिजनों ने थाने पहुंचकर किया हंगामा, पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
मुख्य संवाददाता |
बागपत: थाना सिंघावली पुलिस दिल्ली पुलिस के सिपाही की हत्या के बाद भी लूट स्वीकार करने को तैयार नहीं है। जबकि उसके परिजन लूट का विरोध करने पर हत्या होने का आरोप लगा रहे हैं।
मृतक सिपाही के परिजनों ने सिंघावली अहीर थाने में हंगामा किया और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही करने के आरोप लगाए। यही नहीं परिजनों ने गोली लगने के बाद पुलिस साथ में नहीं चलने का भी आरोप लगाया है। उधर, थाना पुलिस जांच करने का आश्वासन देकर पल्ला झाड़ती नजर आ रही है।
गौरतलब है कि सात सितंबर की दोपहर बाद करीब साढ़े चार बजे मेरठ जनपद के थाना जानी क्षेत्र के डालूहेड़ा गांव निवासी एवं दिल्ली पुलिस में सिपाही मनीष ड्यूटी से अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के बंथला-ढिकौली मार्ग पर रोशनगढ़ गांव के निकट पहुंचा तो दो बाइक पर सवार होकर आए चार बदमाशों ने उसे रोक लिया और गोली मार दी थी।
सूचना पर पुलिस पहुंची थी और गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया था। मेरठ में उपचार के दौरान मनीष ने दम तोड़ दिया था। जिसके बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों की ओर से तहरीर भी दी गई और मुकदमा भी दर्ज कराया, लेकिन इसमें लूट का विरोध करने का जिक्र नहीं हुआ।
पुलिस भी लूट का विरोध करने में हत्या होने की बात को कबूल नहीं कर रही है। बुधवार को सिंघावली अहीर थाने में मृतक सिपाही के परिजन पहुंचे और हंगामा किया।
मृतक सिपाही के भाई अमरदीप ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उसने बताया कि उसके भाई को जब गोली मार दी गई तो उसने फोन किया और कहा था कि भाई मुझे बचा ले, बदमाशों ने गोली मार दी है। जिसके बाद वह अस्पताल पहुंचा और सही उपचार न होता देख वह मेरठ लेकर चला गया था।
पुलिस ने उनके साथ जाने की भी जरूरत महसूस नहीं की थी। आरोप लगाया कि पिलाना सीएचसी पर उसके भाई को ई-रिक्शा से लेकर गए थे। पुलिस ने गाड़ी तक भेजनी जरूरी नहीं समझी थी।
आरोप लगाया कि अगर समय पर उसके भाई को उपचार मिल जाता तो उसकी मौत न होती। वह बाद में अपने भाई को मेरठ के लिए लेकर गया और वह मेरठ तक बात करता गया था। बार-बार एक ही बात कह रहा था कि बदमाशों को उसने अपना पर्स दे दिया था, फिर भी उन्होंने गोली मार दी।
अमरदीप ने बताया कि वह बार-बार इसी बात को दोहरा रहा था कि आखिर बदमाशों ने पर्स देने के बाद भी उसे गोली क्यों मारी? वह लूट के इरादे से ही आए थे। यह भी बताया कि उसके भाई ने 20 हजार रुपये निकाले थे। बदमाशों ने वह उससे लूटे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने लूट की धारा में मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
दो दिन हत्याकांड को बीत गए हैं, लेकिन अभी तक बदमाशों को भी नहीं पकड़ा है। अमरदीप ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है।
जब बागपत पुलिस ही उनके साथ ऐसा व्यवहार करेगी तो दिल्ली पुलिस कैसे साथ देगी? उन्होंने सिंघावली अहीर थाना पुलिस से लूट की धारा में मुकदमा दर्ज कर बदमाशों को जल्द पकड़ने की मांग की है।
उधर, थानाध्यक्ष शिव प्रकाश का कहना है कि घटना के खुलासे के लिए चार टीमें लगी हुई है। जांच में जो भी बिंदु सामने आएंगे उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी और बदमाशों को भी जल्द पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

