- हर रोज बनाए जा रहे 1000 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड
- 24 मार्च तक चलेगा आयुष्मान पखवाड़ा
जनवाणी ब्यरो |
सहारनपुर: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य योजना के कार्डधारी अब आयुष चिकित्सा पद्धति से भी इलाज करा सकेंगे। केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। आयुष जिसमें आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथी, नेचुरोपैथी और योग सम्मिलित है। यह जानकारी योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डा. सुशील गुप्ता ने दी।
योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि बहुत सी बीमारियों के उपचार में आयुर्वेद काफी कारगर है। कोरोना काल में बड़ी संख्या संक्रमित मरीजों को आयुष विभाग की ओर से काढ़ा व अन्य देसी दवा वितरित की गई थीं, जिसका रिजल्ट भी सुखद आया था। ऐसे में केंद्र सरकार ने आयुर्वेद में आयुष्मान योजना के पात्रों को जोड़ने का निर्णय लिया है। हालांकि इसकी प्रक्रिया बहुत दिनों से चल रही है, लेकिन, जल्द ही इसका लाभ पात्रों को मिलने लगेगा।
जिले में करीब 1.37 लाख परिवार योजना में सूचीबद्ध हैं। इन दिनों आयुष्मान मित्रों और जनसेवा केंद्रों के जरिये आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। करीब 1.68 लाख कार्ड बन चुके हैं। आयुष्मान पखवाड़ा की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जनपद में 10 मार्च से पखवाड़ा शुरू हुआ था, तब से रोजाना करीब 1000 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। अभी तक जनपद में करीब 1.68 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
आयुर्वेद पद्धति में भी पांच लाख रुपये तक उपचार मुफ्त मिलेगा
सरकार पुरातन पद्धति में विश्वास जगाने के लिए आयुर्वेद की ओर कदम बढ़ा रही है। बहुत सी ऐसी बीमारियां है, जिनका इलाज एलोपैथी में नहीं है, लेकिन आयुर्वेद में उनका उपचार संभव है। इसीलिए आयुष मंत्रालय ने इस पद्धति को कारगर मानते हुए इसे आयुष्मान योजना में शामिल किया है।
इस श्रेणी में आयुर्वेद, योगा, यूनानी और नेचुरोपैथी भी होगी। खासकर न्यूरो संबंधी कई बीमारियों में आयुर्वेदिक पद्धति कारगर होती है। प्राकृतिक तरीके से उपचार भी काफी हद तक कारगर होते हैं। आयुर्वेदिक पद्धति में भी पांच लाख का लाभ मिलेगा। लाभार्थी की बीमारी, लक्षण को देखते हुए उसका उपचार कराया जाएगा।
शासन के दिशा निदेर्शों के मुताबिक जनपद में आयुष्मान कार्ड बनाने का अभियान 24 मार्च 2021 तक चलेगा। कार्ड उन्हीं के बनाए जा रहे हैं जो लोग आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की सूची में शामिल हैं, जिनका इस सूची में नाम नहीं है, उनका कार्ड फिलहाल नहीं बनाया जा रहा। -डा. सुशील गुप्ता, जिला समन्वयक आयुष्मान योजना

