- छात्रा की बरामदगी की मांग को लेकर मेरठ कालेज के छात्रों ने कमिश्नरी पर काटा हंगामा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ कालेज की जिस बीए सेकेंड ईयर की जिस छात्रा को लेकर जमकर हंगामा हुआ, उसकी लोकेशन दिल्ली मिल रही है। वह अपने किसी दोस्त के साथ दिल्ली गयी बतायी जा रही है।
परीक्षितगढ़ के इकला रसूलपुर निवासी मेरठ कालेज की छात्रा की लोकेशन को लेकर मिली खबर के बाद पुलिस भी अलर्ट मोड में है। माना जा रहा है कि एक टीम दिल्ली के लिए रवाना कर दी गयी है। पुलिस पूरे मामले को लेकर गंभीर है। वहीं, दूसरी ओर साइबर क्राइम की टीम छात्रा की मोबाइल की काल डिटेल खंगाली जा रही है।
छात्रा के करीबी समझे जाने वाले उसके दोस्तों से भी पुलिस ने पूछताछ की है, लेकिन अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है। छात्रा की बरामदगी की मांग को लेकर शुक्रवार को मेरठ कालेज के छात्रों ने कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया।
प्रदर्शनकारी छात्र सड़क पर ही धरने पर बैठक गए। सूचना मिलते ही सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और शीघ्र ही छात्रा को सकुशल बरामद कर लिए जाने का आश्वासन दिया।
कालेज हॉस्टल में सन्नाटा
छात्रा गुमशुदगी में गुरुवार की रात पुलिस की कार्रवाई के बाद से मेरठ कालेज के हॉस्टल जहां तलाशी अभियान शुरू किया गया था वहां शुक्रवार को सन्नाटा पसरा हुआ है। इस मामले के गरमाने के बाद कई छात्र तो हॉस्टल के कमरे का ताला डालकर गायब हो गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि ऐसा नहीं कि गायब होने वाले छात्रों का इस मामले से कुछ लेना देना है। बल्कि इसलिए गायब हुए बताए जा रहे हैं कि पुलिस पूछताछ के लफडे में नहीं पड़ना चाहते। पूर्व विधायक योगेश शर्मा को लेकर ग्रामीण गुरुवार देर रात को कालेज के हॉस्टल पहुंचे थे। वहां तलाश किया गया था, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका।
मेडिकल में हंगामा, डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप
यदि किसी नेता या अधिकारी की सिफारिश है तो इलाज के लिए मेडिकल कतई न आएं। बगैर सिफारिश के मेडिकल इमरजैंसी में भर्ती करायी गयी ऐसी ही एक महिला मरीज के इलाज में स्टाफ ने जमकर लापरवाही बरती। जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनोें के हंगामे के बाद बजाय अपनी गलती मानते हुए इलाज करने के इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने उल्टे परिजनों से ही दुर्व्यवहार शुरू कर दिया।
लिसाड़ीगेट के जाकिर कालौनी निवासी मेहरूनिशां को बीमारी के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार की शाम को अचानक उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। उसको मेडिकल रेफर कर दिया गया। मरीज के पुत्र अफजाल ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराने के बाद भी स्टाफ ने कोई सुध नहीं ली। तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। परिजनों ने डा. दीप्ति पर अभद्रता के आरोप लगाए।
परिजनों का कहना है कि उसने कहा गया कि यदि किसी की सिफारिश होगी तभी मेडिकल में इलाज संभव है। इसको लेकर वहां हंगामा शुरू हो गया। स्टाफ ने अभद्रता शुरू कर दी। छायाकारों को भी धमकियां दी गयीं। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल में इलाज नहीं लापरवाही बरती जा रही है।
दरगाह पर गई पत्नी को बदचलन बोलकर घर से निकाला
उसका कसूर सिर्फ इतना था कि वह पीर फकीरों की मजारों पर जियारत के लिए जाती थी। इस बार भी उसने यही कसूर किया, लेकिन पति को नागवार गुजरा और बदचलन बता कर उसको बच्चों सहित घर से बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं गुमशुदगी दर्ज कराकर तलाश करने के बहाने से खुद घर में जा छिपा। ये पूरा मामला नौचंदी थाना क्षेत्र निवासी सुलताना पत्नी सगीर से जुड़ा है। उसके दो बच्चे हैं बेटा 12 साल का और बेटी नौ साल की।
सुलताना पुत्री बशीर निवासी अलीगढ़ ने बताया कि करीब 13 साल पहले उसका निकाह जलीकोठी निवासी सगीर से हुआ था। फिलहाल उनका परिवार नौचंदी क्षेत्र में किराए पर रहता है। वह बचपन से ही पीरों व फकीरों की मजारों पर जाया करती थी। यह आदती निकाह के बाद भी बनी रही। करीब 15 दिन पहले वह दोनों बच्चों को लेकर पंजाब में एक माने हुए पीर की मजार पर जियारत को गयी थी।
पति को उसका मजारों पर जाकर जियारत करना कतई पसंद नहीं था, लेकिन यह पंसद या नापंसदी की नहीं बल्कि श्रद्धा की बात थी। उसकी पीर फकीरों में अटूट श्रद्धा है, इसलिए वह चली गयी थी, लेकिन जब वह लौटी तो पता चला कि मकान मालिक ने जिस कमरे में उसका परिवार रहता था वो खाली करा लिया है। कमरे में जो सामान रखा था वो भी नहीं है। पति को मोबाइल स्वीच आॅफ जा रहा है।
जब वह थाना नौचंदी पहुंची तो पुलिस ने बताया कि उसकी तो पहले से ही गुमशुदगी उसके पति सगीर ने लिखायी है। यह सुनकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गयी। उसने अलीगढ़ में अपनी भाई वसीम को फोन कर बुलाया। वसीम जब मेरठ पहुंचा तो उसने बताया कि सुलताना बचपन से ही दरगाहों पर जाती रहती है। सुलतान व उसका भाई सगीर के जलीकोठी में रहने वाले परिजनों के पास पहुंचे तो उन्होंने उसको वहां से भगा दिया।
उसका आरोप है कि बदचलनी का आरोप लगाते हुए सगीर से किसी प्रकार का संबंध न रखने की हिदायत दी गयी। किसी तरह से उसने सगीर से संपर्क किया तो उसने भी बदचलनी का आरोप लगाते हुए सभी रिश्ते नाते तोड़ देने की बात कही, लेकिन वह सामने आने को तैयार नहीं है। हालांकि पीड़िता का कहना कि सगीर जलीकोठी वाले मकान के भीतर ही है, वह जानबूझ कर नहीं आ रहा है। पीड़िता ने पुलिस से मदद की गुहार लगायी है।

