- हाथ में गोली लगने से भाजपा नेता का साथी घायल
- भाजपा नेता ने लगाया एसओजी पुलिस टीम पर आरोप
- एसपी को शिकायत पत्र दे जांच कर कार्रवाई की गुहार
जनवाणी संवाददाता |
कांधला/ शामली: दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर कांधला कस्बे में भाजपा नेता और उसके पारिवारिक लोगों पर फायरिंग में एक युवक घायल हो गया। वहीं गाड़ी में पर तीन-चार फायर होना बताया गया है। भाजपा नेता ने पुलिस पर रातभर उसे हिरासत में रखने और यातनाएं देने का भी आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल की है।
इस पूरे मामले में एसओजी पर भी आरोप हैं। बुधवार को भाजपा नेता समेत परिवाजनों व ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे मामले की जांच कराने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी है।
कांधला थाना क्षेत्र के कस्बा एलम निवासी अश्वनी पंवार पुत्र स्व. राजवीर सिंह ने अपने परिवारजनों व अन्य के साथ बुधवार को शामली में पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव से मुलाकात कर प्रार्थना सौंपा है। पत्र में अश्वनी पंवार ने बताया कि उसके पिता राजबीर सिंह व माता राजबीरी देवी नगर पंचायत एलम से चेयरमैन रह चुके हैं जबकि वह भी भाजपा के सिंबल पर एलम में चेयरमैन पद का चुनाव लड़ चुका है।
भाजपा नेता अश्वनी पंवार ने बताया कि मंगलवार की रात को करीब आठ बजे वह अपने परिवारजनों के साथ गाड़ी एटयोस में सवार होकर रिश्तेदार से मिलने व खाना खाने कांधला गया था। कांधला में हाइवे पर उन्होंने गाड़ी में पेट्रोल लिया और कार्ड से पेमेंट की।
जब वह थोड़ा आगे एक ठेली पर फल खरीद रहे थे तो ठेली वाले ने बताया कि गाड़ी पर स्वैप मशीन रखी है। इसके बाद अश्वनी यू टर्न लेकर डिवाइडर के दूसरी तरफ जाकर रुका और पेट्रोल पंप के सेल्समैन को आवाज लगाकर स्वैप मशीन दे दी।
अश्वनी का आरोप है कि इसी दौरान सामने कुछ लोग जो एसओजी व पुलिसकर्मी हो सकते हैं, पहुंचे तथा उन्हें घेर लिया तथा गाली गलौज करते हुए फायरिंग कर दी। फायर होते ही अश्वनी व अन्य गाड़ी लेकर सामने की तरफ भागने लगे और उक्त लोग भी उनके पीछे थे। रास्ते में हमने देखा कि एक युवक सचिन के हाथ में गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल है।
परिजनों ने घायल सचिन को पहले कांधला और वहां से मुजफ्फरनगर रैफर कर दिया। अश्वनी का कहना है कि तभी पीछे से कांधला थाने के दरोगा आए और अश्वनी को गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए। अश्वनी का आरोप है कि वहां पर उसे यातनाएं दी गई। अगले दिन सुबह उसे गांव में छोड़ा गया। अश्वनी का आरोप है कि उसे झूठे अभियोग में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
अश्वनी पंवार ने पूरे मामले से भाजपा के सदर विधायक तेजेंद्र निर्वाल को भी अवगत कराया है। वहीं जानकारी पर गांव के सैंकड़ो लाग अश्वनी के घर पहुंचे। बाद में बुधवार को दर्जनों लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे जहां अश्वनी ने प्रार्थना पत्र के साथ ही मौखिक रूप से पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव को पूरे मामले से अवगत कराया। एसपी ने पूरे मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
एलम निवासी एक युवक ने पुलिस पर आरोप है कि पुलिस ने उनकी गाड़ी पर फायर किया है। पूरे प्रकरण की जांच एएसपी ओपी सिंह को सौंपी गई है। सीसीटीवी या अन्य तथ्यों को जुटाया जा रहा है। जांच के बाद जो भी कार्रवाई होगी। -सुकीर्ति माधव, एसपी शामली।
राजनीतिक रंजिश में हो चुकी है पिता की हत्या
भाजपा नेता अश्वनी पंवार के पिता राजवीर सिंह की साल 2005 में हत्या कर दी गई थी। इस हत्या समेत अन्य मामलों में इकलौता होने के चलते अश्वनी पंवार ही पैरोकार है। अश्वनी के पिता राजबीर सिंह व मां राजबीरी देवी नगर पंचायत एलम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ष 2017 में भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़े अश्वनी पंवार भी 100-150 मतों के अंतर से हार गए थे। अश्वनी के पिता की हत्या में पूर्व विधायक के संरक्षण में जनपद के नामी बदमाश विनय उर्फभटकू द्वारा अंजाम देने के आरोप लगे थे। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

