- तेजी से बन रही है परिवारों में संक्रमण की चेन, देहात में भी फैली महामारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना संक्रमण के चलते शुक्रवार को उपचार के दौरान चार संक्रमितों की मौत हो गयी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के कोरोना अपडेट में सिर्फ दो की मौत की जानकारी दी गयी है। स्वास्थ्य विभाग ने लिसाड़ीगेट के श्याम नगर हरि की मस्जिद निवासी 35 वर्षीय शख्स व गोविंद पुरी निवासी 33 वर्षीया महिला की उपचार के दौरान मौत की खबर दी है।
हालांकि इनके अलावा दो मौत सिविल लाइन एसके रोड पर चाचा-भतीजे की भी हुई है। जैसे-जैसे संक्रमण के आंकडेÞ बढ़ रहे हैं। उसी तेजी से स्वास्थ्य विभाग ने स्टेस्टिंग भी बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को 9219 सैंपल टेस्ट के लिए मेडिकल लैब भेजे गए थे। इनमें से 551 सैंपल संक्रमित पाए गए हैं।
इसके साथ ही मेरठ में संक्रमितों का आंकड़ा 25 हजार के पार जा पहुंचा है। जबकि मरने वालों की संख्या अब 423 हो गयी है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि जिन इलाकों में चेन की स्थिति बनी हुई है उनमें डी-62 प्रहलाद नगर, कंकरखेड़ा, ए-1 वृंदावन एन्क्लेव, सेक्टर तीन सी-39 सुशांत सिटी, आठ आर्य नगर व 74 आर्य नगर, डी-2 प्रभातनगर, 499/1 प्रभातनगर, गांधी नगर सरधना, खासपुर, मयूर विहार शास्त्रीनगर, एलएलआरएम मेडिकल कैंपस, जागृति विहार, जयभीम नगर, सिवाल खास, फाजलपुर, शालीमार गार्डन, आकांक्षा हाइट रुड़की रोड, कृष्णा नगर, न्यू कालोनी मोदीपुरम, सन राइज कालोनी, शाहजहांपुर, छुर्र, सदर रजबन करई गंज, कैंट के अलग अलग इलाकों में 18 संक्रमित, ग्लोबल सिटी गंगानगर, सालारपुर, दौराला आदि भी शामिल हैं। संक्रमितों में सैन्य कर्मी, कारोबारी, छात्र, किसान, कैदी, कामकाजी घरेलू महिलाएं, नौकरी पेशा, हेल्थ केयर वर्कर, अधिवक्ता, मेडिकल कैंपस के नर्सिंग छात्र भी संक्रमित पाए गए हैं।
एसएसपी के स्टेनो रहे वीके आहुजा की कोरोना से मौत
डीआईजी अलीगढ़ के स्टेनो वीके आहुजा की कोरोना संक्रमण की चलते शुक्रवार को मौत हो गयी। हालांकि पता चला है कि संक्रमित होने के बाद तेजी से उनकी तबीयत खराब हुई। उन्हें दिल्ली में किसी अस्पताल में बेड नहीं मिल पाया। जिसके चलते उनकी मौत हो गयी। वीके आहुजा पूर्व में मेरठ के कई एसएसपी के स्टेनो रहे हैं।
राज्यमंत्री के बाद दोनों पुत्र भी कोरोना संक्रमित
प्रदेश सरकार में श्रम कल्याण पंडित सुनील भराला के संक्रमित आने के बाद अब उनके दोनों पुत्रों के सैंपल रिपोर्ट भी पॉजिटिव आयी है। उनके बेटे रजत भारद्वाज व उत्कर्ष भारद्वाज जहां पॉजिटिव आई है, वहीं दूसरी ओर पत्नी वर्षा की रिपोर्ट निगेटिव आयी है।
सुनील भराला के छोटे भाई भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष पं. अजय भराला, उनकी पत्नी व दोनों बेटों के भी सैंपल लिए गए हैं। उनकी रिपोर्ट शनिवार को आनी है। वहीं, दूसरी ओर सिविल लाइन के सूरजकुंड एसके रोड केशव भवन के समीप रहने वाले चाचा व भतीजे की कोरोना के चलते मौत हो गयी। इनकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
बढ़ते संक्रमण को लेकर सीएम ने कमिश्नर से ली रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टेस्ट, ट्रेस, ट्रीट के लक्ष्य के अनुरूप कोरोना नियंत्रण की प्रभावी कार्रवाई को जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी जनपदों में कोविड बेड, आॅक्सीजन, दवाओं, एम्बुलेंस, मैनपावर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे प्रतिदिन इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में बैठक कर स्थिति की समीक्षा करते हुए कोविड-19 के नियंत्रण के लिए कारगर रणनीति लागू करें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी जनपदों में पर्याप्त संख्या में कोविड बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। आॅक्सीजन आपूर्ति अनवरत बनी रहे। मैनपावर, दवाओं एवं मेडिकल उपकरणों के समुचित प्रबन्ध किये जाएं। मरीजों को एम्बुलेंस समय से उपलब्ध हों। 108 सेवा की 50 प्रतिशत एम्बुलेंस कोविड मरीजों के उपयोगार्थ संचालित की जाए।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से निपटने के लिए किये जा रहे प्रयासों के दृष्टिगत त्वरित निर्णय लिये जाने पर बल दिया। उन्होंने लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर नगर एवं वाराणसी के जिलाधिकारियों एवं संबंधित मंडलायुक्तों से कोरोना नियंत्रण कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की।
लैब में टेस्ट नहीं, अस्पताल में बेड नहीं
कोरोना संक्रमण से निपटने सिस्टम खासतौर से स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के दावे हकीकत से कोसों दूर हैं। संक्रमण की रोकथाम के नाम पर शासन को भेजी जाने वाले रिपोर्ट झूठ का पुलिंदा के अलावा कुछ नहीं। अधिकारियों के दावों से इतर यदि हकीकत की बात की जाए तो ना तो कोरोना की दवा है और ना ही लैब में टेस्ट की सुविधा माकूल है और तो और अस्पतालों में संक्रमितों के लिए बिस्तर का भी भारी टोटा है।
अधिकारियों के गैर जिम्मेदारा रवैये ने जो हालात पैदा कर दिए हैं उसके चलते तो यही लगता है कि मेडिकल या फिर प्राइवेट अस्पताल में संक्रमित के लिए बेड की नौबत तो आने ही नहीं दी जाएगी। क्योंकि किसी भी संक्रमित के लिए बेड की जरूरत तभी होती है जब उसके सैंपल की रिपोर्ट आ जाती है।
कोरोना संक्रमण की जांच के लिए प्राइवेट लैब में गुरूवार को पांच से सात दिन की वेटिंग की जानकारी दी गयी। यह हालात तो तब हैं जब आरटीपीसीआर जांच के लिए मुंह मांगी रकम देने को लोग तैयार हैं। जिन लैब में सैंपल की जांच की जा रही है, उनके स्टाफ के नखरे भी किसी नई नबेली दुल्हन से कम नहीं।
पहले तो काउंटर पर ही काफी देर तक इंतजार करा दिया जाएगा। उसके बाद पांच से सात दिन की वेटिंग की जानकारी दी जाएगी। इस बीच यदि किसी ने रेट की जानकारी करी तो जांच से ही मना कर दिया जाएगा। कोरोना के सैंपल ले रहे सरकारी सेंटरों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसके बाद लोगों को कोरोना जांच के नाम पर शहर के यूपीएचसी जहां सैंपल जमा किए जा रहे हैं उनसे भरोसा उठता जा रहा है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें यूपीएचसी व प्राइवेट लैब पर दिए सैंपल की जांच रिपोर्ट एक दम उलट आयी है। इसके अलावा सरकारी सैंटरों पर भी लंबी लंबी कतारें लगी हैं।
ऐसे तमाम मामले हैं जिनमें प्राइवेट लैब में कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मेडिकल सरीखे एल-3 कोविड अस्पताल में बेड के लिए मरीज को धक्के खाने पडे हैं। जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो आखिर में बजट न होते हुए भी मजबूरी में महंगा इलाज कराने के लिए पत्नी व बेटे को शहर के एक नामी प्रावइेट अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज करना पड़ा।
ये कहना है लैब संचालक का
बाइपास स्थित एक नामी लैब के आउट लेट के संचालक ने नाम न छापे जाने की शर्त पर बताया कि गुरुवार को पांच से सात दिन की वेटिंग आरटीपीसीआर सैंपल की रिपोर्ट पर चल रही है। जिन लैब में सैंपल भेजे जाते हैं, वहां हाउस फुल का बोर्ड लगा है।
ये कहना है नर्सिंग होम एसोसिएशन सचिव का
मेरठ मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डा. कुंवर अनीस अहमद ने बताया कि संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के मददे नजर प्रशासन के साथ मिटिंग हुई है। कोविड हॉस्पिटल बनाने का आग्रह मंडलायुक्त व सीएमओ ने किया है। साथ ही संसाधनों का ब्योरा भी मांगा है।
ये कहना है आईएमए अध्यक्ष का
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. अनिल कपूर ने बताया कि सीएमओ ने कोविड अस्पताल बनाए जाने का आग्रह किया है। फिलहाल इसमें कई तकनीकि दिक्कतें सामने आ रही हैं। एल-3 के तौर पर मेडिकल व सुभारती में काम कर रहे हैं।
कोरोना इफेक्ट, सराफा बाजार बंदी पर आमने-सामने
कोरोना इफेक्ट के चलते शहर सराफा बंदी के सवाल पर व्यापारी नेता आमने सामने आ गए हैं। बंदी का समर्थन करने वाले कोरोना संक्रमण की दलील दे रहे हैं तो बाजार को खुला रखने की पैरवी करने वालों का तर्क है कि काम तो वैसे ही नहीं है, शाम छह बजे से प्रतिष्ठान को बंद करने का क्रम शुरू हो जाता है, क्योंकि जो दूरदराज से प्रतिष्ठान खोलने आते हैं उन्हें घर पहुंचने में भी समय लगता है।
क्योंकि आठ बजे रात को कर्फ्यू लगा दिया जाता है। उसके बाद रास्ते में पुलिस तंग करती है। कोरोना की सेकेंड वेव के बाद वैसे ही बाजार में ग्राहक नहीं है। यदि दुकानें ही बंद कर बैठ गए तो फिर जो थोड़ा बहुत काम चल रहा है, वो भी खत्म हो जाएगा। सबसे ज्यादा मुसीबत बाहरी कारीगरों की होगी। इस बार तो भंडारों का भी इंतजाम होता नजर नहीं आ रहा है।
ऐसे कारीगर भला कहां और कैसे गुजारा करेंगे। इसलिए जोहरी बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष संत कुमार वर्मा ने बाजार खोलने का निर्णय लिया है। वहीं, दूसरी ओर बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने एसोसिएशन की ओर से 72 घंटे के बंद की अपील सराफा कारोबारियों से की है ताकि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। दरअसल शहर सराफा में ही अकेले करीब सौ से ज्यादा सराफा कारोबारी, स्टाफ व कारीगर संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। ऐसे में संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए 72 घंटे के बंद की अपील विनम्रता पूर्ण की गयी है।

