- नगरायुक्त ने वार्ड-44, 47, 64 और 78 का किया औचक दौरा, नहीं मिली समुचित सफाई व्यवस्था
- निर्माण अनुभाग में भी लंबित मिली टेंडर की फाइल, लगाई फटकार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर आयुक्त मनीष बंसल ने कोविड-19 महामारी को देखते हुए महानगर में चलाये जा रहे विशेष सफाई अभियान को जानने के लिए निरीक्षण किया, जिसमें उन्हें सफाई कर्मी गायब मिले। गायब मिले 46 सफाई कर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
वार्ड-44, 47, 64, व 78 का औचक निरीक्षण कर कर्मचारियों की उपस्थिति एवं सफाई व्यवस्था देखी। मुख्य मार्गों एवं क्षेत्र के नाले-नालियों की समुचित सफाई न कराये जाने, कार्य के प्रति लापरवाही तथा बड़ी संख्या में कर्मचारियों के अनुपस्थित पाये जाने के कारण नगर आयुक्त ने अत्यन्त आक्रोश व्यक्त किया।
तमाम अनुपस्थित पाये गये कुल 46 कर्मचारियों एवं वार्डो में कार्यरत सफाई नायक अमरदीप, कमल मनोठिया एवं कार्यवाहक सफाई नायक लोकेश व ज्योति का एक दिन का वेतन काटे जाने एवं क्षेत्रीय सफाई निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी दी गई।
इसके अतिरिक्त नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय अमित कुमार शर्मा, अधिशासी अभियन्ता एवं नानकचन्द सहायक अभियन्ता अनुपस्थित पाये गये। इस संबंध में अधिकारियों की उपस्थिति पंजिका प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गए।
मुख्य लिपिक ने अवगत कराया कि अधिकारियों की उपस्थिति पंजिका नहीं है। चूंकि उनके द्वारा उपस्थिति दर्ज नहीं की जाती है। इस पर नगर आयुक्त ने असंतोषजनक व्यक्त करते हुए मुख्य अभियन्ता को निर्देशित किया गया कि समस्त केन्द्रियत कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करायी जाये।
भ्रमण के दौरान देखा गया कि निर्माण अनुभाग में काफी पत्रावलियां स्वीकृति उपरांत लम्बित है। संबंधित लिपिक ने अनुबंध की कार्रवाई नहीं की गयी तथा अनुबंध के उपरांत संबंधित ठेकेदार को कायार्देश निर्गत करने के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गयी। यह स्थिति भी खेदजनक है।
इस संबंध में मुख्य अभियन्ता को निर्देशित किया गया कि जिन कार्यो के अनुबंध किये जाने है तथा कायार्देश निर्गत किये जाने है, उनके संबंध में दो दिन के अन्दर समस्त कार्रवाई पूर्ण करा ली जाये।
यदि संबंधित ठेकेदार द्वारा कार्य प्रारम्भ नहीं किया जाता है तो उनकी जमानत धनराशि जब्त कर पत्रावली निरस्त करने की नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

