- किसान अपनी फसल बेचने का भटक रहे है दर-दर
जनवाणी संवाददाता |
बरूकी: जनपद मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर सहकारिता विभाग का सहकारी संघ का भवन खंडहर हो गया। जिसके चलते किसानों को अपनी फसल बेचने को दर दर भटकना पड़ रहा है।
ग्राम बरुकी में सहकारी संघ बाकर नंगला के नाम से कार्यालय है। जिस पर कई दशकों से लगभग पांच दर्जन से भी अधिक गांवों के किसान अपनी फसल जैसे गेहूं, धान व अन्य फसलों को सरकारी रेट पर बेचते थे। लेकिन गत कई वर्षों से सहकारी संघ बाकर नंगला के नाम से संचालित हो रही यह संस्था बंद पड़ी रहती है। नाम के लिए यहां पर प्रबंधक निदेशक की भी पोस्टिंग है।
प्रबंधक निदेशक 15 अगस्त, 26 जनवरी के अतिरिक्त एक भी दिन संघ पर नहीं आते आते हैं और जिसके चलते यह भवन खंडहर होने को है। प्रबंधक निदेशक के अतिरिक्त यहां पर कोई स्टाफ भी नहीं है। स्टाफ ना होने, कार्यालय ना खुलने एवं सहकारी संघ द्वारा किसानों को कोई भी सुविधा मुहैया न कराने के कारण क्षेत्र के किसान विगत कई वर्षों से अपनी फसलों को इधर-उधर बेचने के लिए मजबूर हैं। इस सहकारी संघ में यूं तो प्रति पांच वर्ष बाद एक बोर्ड बनता है।
उस बोर्ड में चेयरमैन एवं सदस्यों को चुनाव के द्वारा नियुक्त किया जाता है। जो क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करता है। लेकिन ना तो कभी बोर्ड ने, ना ही सहकारी संघ ने जर्जर हो चुके इस भवन को ठीक कर के यहां पर्याप्त संख्या में स्टाफ बैठाने की और क्षेत्र के किसानों को सुविधाएं देने की जहमत नहीं उठाई है।
जिसके कारण क्षेत्र के किसान अपनी फसलों को ओने पौने दामों पर बेचने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। साथ ही किसी भी जनप्रतिनिधि ने किसानों के हित की इस संस्था के खराब होने की बात को शासन प्रशासन तक पहुंचाना गवारा नहीं समझा। जिसके चलते क्षेत्र के किसानों में जनप्रतिनिधियों के प्रति भारी आक्रोश पनप रहा है। पूर्व चेयरमैन शो वीर सिंह, पूर्व प्रधान पुष्पेंद्र सिंह एवं विकुल मलिक ने शासन प्रशासन से तत्काल प्रभाव से इस संस्था को सुचारू रूप से संचालित करने की पुरजोर मांग की है।

