- सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति पर आक्रोश व्यक्त किया
जनवाणी ब्यूरो |
नजीबाबाद: नॉर्दन रेलवे मेंस यूनियन शाखा ने रेलवे के निजी करण का विरोध करते हुए धरना व प्रदर्शन किया। इस मौके पर शाखा सचिव विक्रांत ने केन्द्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति को लेकर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया तथा कहा कि कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बुधवार की शाम को यूनियन की ओर से आल इण्डिया रेलवे मैन्स फेडरेशन के आह्वान पर मुरादाबाद मण्डल में 14 सितम्बर से 19 सितम्बर तक जन जागरण सप्ताह मनाते हुए अपनी मांगों को लेकर रेलवे कर्मचारियों ने जुल्मी जब-जब जुल्म करेगा, सत्ता के गलियारों से चप्पा-चप्पा गूंज उठेगा, रेल बचाओ देश बचाओ के नारे लगाए।
शाखा सचिव विक्रांत ने कहा कि सरकार रेलवे का निजीकरण/निगमीकरण करने की मंशा रखकर काम कर रही है। यूनियन की मांगे हैं कि सेवानिवृत्ति के नाम पर कर्मचारियों का मानसिक व आर्थिक शोषण बंद किया जाना चाहिए, नई पेंशन योजना खत्म करके पुराना पेंशन बहाल किया जाए, पदों का समाप्त किया जाना बंद किया जाए।
रिक्त पड़े सभी पदों को शीघ्र भरा जाए, ग्रेड पे 1800 एवं ग्रेड पे 4600 के कर्मचारियों को बेहतर ग्रेड पे दिया जाए, लाजेंश योजना को बहाल किया जाए, ट्रैक मेन्टेनरों के प्रोन्नति के लिए अन्य विभागों/कोटियों में आने का मार्ग प्रशस्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह विरोध धरना देकर व प्रदर्शन कर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों एवं रेल के निजीकरण के विरोध में किया गया है। इस मौके पर जगदेव सिंह रावत, जीशान, चेतराम सिंह, खैराती सर्वेश, विजेंद्र मीणा, वीरेंद्र, संत कुमार मीणा, अनिल, हरप्रीत सिंह, मोहित, गौरव, असलम, तुषार भटनागर, अंकुर, जीशान, शकील हैदर अंकित, पवन शर्मा आदि कर्मचारियों ने भाग लिया।

