- अर्थ व्यवस्था गड़बड़ लेकिन निगम ने दिया 45 करोड़ वसूली का लक्ष्य
- नये भवनों का सर्वे कराकर दिया जाएगा नोटिस
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पिछले एक वर्ष से शहर के लोगों का कारोबार पटरी पर नहीं आ पा रहा है। पिछले वर्ष लॉकडाउन से लोग टूट गए थे। कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहे थे। अब वर्ष भी लॉकडान लगा है। कोराबाद पूरी तरह से चौपट है। लोगों की अर्थ व्यवस्था बर्बाद हो गई हैं, लेकिन ऐसे में नगर आयुक्त मनीष बंसल ने वित्तीय वर्ष में कर वसूली को लेकर 45 करोड़ का लक्ष्य निगम के अफसरों को दे दिया है।
यह बड़ी धनराशि शहर की जनता की जेब से ही निकाली जाएगी। बिजली के बिल पहले ही लोगों को रुला रहे हैं। जो व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद पड़े है, उनके बिजली बिल भी लाखों में आ रहे हैं। बिजली की दरे बढ़ी नहीं, लेकिन सरचार्ज के नाम पर बिल बढ़ाकर भेज दिये गए हैं। अब तक शहर के लोग बिजली के बिलों को लेकर ही परेशान थे, लेकिन आने वाले दिनों में नगर निगम भी लोगों की चौखट पर कर वसूली को लेकर दस्तक देने वाला है।
सरकार की तरफ से कोई राहत जनता को मिलने वाली नहीं है। कर का बोझ भी जनता पर लाद दिया जाएगा। नगरायुक्त मनीष बंसल के अनुसार जिस सम्पत्ति पर कर लागू नहीं हैं, उसका सर्वे कराकर उस पर भी कर लगाया जाएगा। नगरायुक्त मनीष बंसल ने 45 करोड़ का लक्ष्य निगम अफसरों के सामने कर वसूली का रखा है।
कर वसूली शतप्रतिशत नहीं होने पर निगम के जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की गाज भी गिराई जा सकती है। कर वसूली के लिए नगर निगम के अधिकारी अब कार्य योजना तैयार करेंगे, जिसके बाद कार्ययोजना पर काम किया जाएगा। सर्वप्रथम समस्त भवन स्वामियों को प्राथमिकता के आधार पर कर के बिल भेजे जाएंगे।
कर निर्धारण अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि जून माह के अंत तक सभी बिल प्राप्त करा दिए जाएं। इसके अतिरिक्त सभी भवन स्वामियों को रटर के माध्यम से भी बकाया कर के बारे में अवगत कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त इस माह के लिए पांच करोड़ का लक्ष्य तय किया गया है।
वसूली बढ़ाने के लिए जो भवन अभी भी टैक्स लगने से वंचित हैं, उनको सर्वे के आधार पर स्वाकर निर्धारण अथवा 213 के नोटिस भेज कर ऐसे समस्त भवनों पर टैक्स लगाने के निर्देश भी नगरायुक्त ने दिए हैं। नगरायुक्त ने पिछले वर्ष की वसूली को ही लक्ष्य बनाया गया है। क्योंकि पिछले वर्ष कोविड19 के बावजूद अप्रत्याशित वसूली 40 करोड़ की वसूली की गयी थी। इस बार भी लॉकडाउन के बावजूद कर वसूली बढ़ाने के लिए अफसरों को लक्ष्य दिये गए हैं।

