- पल्हैड़ा के चार युवकों के खिलाफ मां ने दर्ज कराई रिपोर्ट
- घटना के दौरान पीड़िता की मां गई थी थाने
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान कागजों पर चलता नजर आ रहा है। कहने के लिए तो आधी आबादी को महफूज करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन लगातार सामने आ रहे छेड़खानी और दुष्कर्म के मामले बढ़ती छेड़छाड़ की घटनाओं की गंभीर तस्वीर उजागर करते हैं। पल्हैड़ा गांव में छेड़खानी से अजीज आकर मंगलवार को एक किशारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
किशोरी की आत्महत्या करने के बाद परिजनों के होश उड़ गए। वहीं, आत्महत्या से पहले मां थाने पर आरोपियों के विरुद्घ थाने पर मुकदमा दर्ज कराने गई थी। इस घटना के बाद परिजनों में रोष उत्पन्न हो गया और उन्होंने पुलिस को शव नहीं उतारने दिया। पुलिस आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। इस पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
महिला उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी होने पर तमाम हेल्पलाइन चलाई गई और थानों में महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया गया। परंतु, इसके बाद भी महिलाओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है। मूलरूप से हापुड़ निवासी अखलाक अपने परिवार के साथ पल्हैड़ा स्थित डबल स्टोरी में आकर रहने लगे थे। उनके पांच पुत्र व पांच बेटी है। सबसे छोटी बेटी मुस्कान ने मंगलवार को पुलिस कार्यप्रणाली की हीलाहवाली के चलते छेड़छाड़ करने वाले युवकों से तंग आकर आत्महत्या कर ली।
मुस्कान घर पर रहकर ही अपने परिवार का हाथ बटाती थी। आरोप है कि गांव के ही दलित युवक उससे छेड़खानी करते थे। इस मामले में परिवार के लोगों ने पुलिस को जानकारी दी थी लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं की गई। मंगलवार को भी युवकों ने किशोरी से छेड़छाड़ करते हुए उसका हाथ पकड़ लिया। किशोरी ने अपना हाथ छुड़ा लिया और घर जाकर अपनी मां बानों को पूरे मामले की जानकारी दी।
मां ने युवकों को धमकी देते हुए थाने पर जाकर मुकदमा कराने की बात कहीं। बानों पल्लवपुरम थाने पर तहरीर देने चली गई। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य घर के बाहर बैठे हुए थे और मुस्कान घर के अंदर अकेली थी। छेड़छाड़ से तंग आ चुकी मुस्कान ने घर में अपने को अकेला देख फांसी लगा दी।
काफी देर बाद भी जब मुस्कान अंदर से बाहर नहीं आई तो परिवार के लोग अंदर पहुंचे तो उसका शव लटका देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने बानों को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस के भी होश उड़ गए। आनन-फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की बात हीं।
परंतु, परिवार वालों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक शव नहीं उतारने की बात कहीं। इस दौरान परिजनों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने किसी तरह परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया और जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इस पर परिजन शांत हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने गांव निवासी अंकुश, समी, शानू व शिवा के खिलाफ थाने पर तहरीर दी है। पुलिस मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

पुलिस गंभीर होती तो बच जाती किशोरी की जान
छेड़खानी से आजिज आकर आत्महत्या करने वाली किशोरी के मामले को अगर पल्लवपुरम पुलिस पहले से ही गंभीरता से ले लेती तो शायद उसकी जान बच जाती, क्योंकि किशोरी के परिजनों ने पल्लवपुरम पुलिस से पहले भी छेड़खानी की शिकायत की थी, लेकिन शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते आरोपियों के हौसले और अधिक बुलंद हो गए।
आरोपियों ने पुलिस को गंभीर होता न देख इसका फायदा उठाया। किशोरी के साथ बेखौफ होकर छेड़छाड़ की वारदात को अंजाम देते रहे। हालांकि पुलिस का दावा है कि इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया है। परिवार के लोगों का आरोप है कि अगर पुलिस इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेती तो शायद हमारी बच्ची की जान बच जाती। किशोरी की मौत पर परिवार रोता बिलखता हुआ नजर आ रहा था।
दो घंटे तक पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
किशोरी द्वारा की गई आत्महत्या की घटना जैसे ही परिवार के अलावा आसपास के लोगों को चली तो उनमें आक्रोश फैल गया। परिवार के अलावा पड़ोसियों ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हालांकि लगभग दो घंटे तक परिवार के लोगों ने शव नहीं उठने दिया। परिवार के लोग आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर डटे हुए थे। थाना प्रभारी पल्लवपुरम देवेश शर्मा, क्षेत्राधिकारी दौराला संजीव दीक्षित मौके पर पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद परिवार के लोगों ने किशोरी के शव को उठने दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
किशोरी की आत्महत्या में गुत्थी उलझी
किशोरी द्वारा की गई आत्महत्या की गुत्थी उलझ गई है। पुलिस का मानना है कि किशोरी और उसकी मां का तकरार हुआ। दोनों का तकरार इस कदर बढ़ गया कि किशोरी ने खुद को घर में अकेला पाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इंस्पेक्टर पल्लवपुरम देवेश शर्मा का कहना है कि किसी बात को लेकर किशोरी और उसकी मां में विवाद हुआ। जिसके बाद किशोरी ने फांसी पर लटककर आत्महत्या कर ली।
हालांकि पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। परिवार द्वारा छेड़खानी करने की बात जो सामने आई है। उस बिंदू पर भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के पास पहले की जो शिकायत करने की बात मृतक किशोरी के परिवार ने कही है। वह सरासर गलत है, क्योंकि अगर परिवार इस तरह की शिकायत करता तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती। जिन युवकों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ तहरीर परिवार के लोगों ने दी है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और सभी बिंदुओं को आधार मानकर पुलिस गंभीरता से जांच भी करेगी।

