Monday, March 23, 2026
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ब्लाक प्रमुख पद के नामांकने के लिए रालोद को बहाने पड़े पसीने

  • छपरौली में ब्लॉक प्रमुख पद की रालोद की मानी जाने वाली प्रत्याशी को नामांकन से रोकने पर हुआ हंगामा
  • रालोद कार्यकर्ताओं की पुलिस से हुई काफी धक्का-मुक्की, पुलिस प्रशासन ने दिखाई तानाशाही

जनवाणी संवाददाता |

बड़ौत: छपरौली में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए रालोद की माने जाने वाली एक प्रत्याशी को काफी जद्दोजहद के बाद नामांकन करने दिया। इस प्रत्याशी को पुलिस ने पहले ही रोक लिया था। पुलिस ने उसके कागजों को चेक किया। उसके बाद भी उसे मना कर दिया था। बाद में रालोद कार्यकतार्ओं ने हंगामा किया। पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की हुई। तब जाकर प्रत्याशी को नामांकन के लिए अंदर भेजा। पुलिस व प्रशासन ने तानाशाही दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ी।

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छपरौली ब्लाक प्रमुख पद के लिए तीन नामांकन जमा हुए। इनमें हलालपुर गांव निवासी निवर्तमान प्रमुख अंशु चौधरी पत्नी बृजपाल सिंह, कमलेश पत्नी पीतम निवासी राठौड़ा तथा अंतिम समय में किरठल निवासी भगत सिंह पुत्र लख्मीचंद ने नामांकन दाखिल किए। हालांकि भगत सिंह का नामांकन बाद में निरस्त हो गया।

छपरौली ब्लाक में उस समय हंगामे की स्थिति हो गई, जब अंशु चौधरी नामांकन करने के लिए खंड विकास कार्यालय में जा रही थी। उसे बीच में ही पुलिस ने रोक लिया। उसके कागज चेक किए। कोई कमी बताकर उसे अंदर नहीं जाने दिया। तभी रालोद के पूर्व विधायक गजेंद्र मुन्ना व वीरपाल राठी कार्यकतार्ओं के साथ पुलिस से भिड़ गए। भारी संख्या में तैनात पुलिस के साथ रालोद कार्यकतार्ओं की खूब धक्का मुक्की हुई।

मौके पर एसडीएम व सीओ मौजूद रहे। आखिर कार पुलिस को पीछे हटना ही पड़ा। अंशु चौधरी ने अपना नामांकन दाखिल किया। बाहर रालोद कार्यकतार्ओं की भीड़ जुटी हुई थी। हालांकि तीन बजे नामांकन दाखिल करने के अंतिम समय तक अंशु चौधरी को नामांकन जमा करने की कोई रिसीव नहीं दी थी। इसको लेकर रालोद कार्यकर्ता आक्रोशित थे। अंत तक वह वहीं डटे हुए थे।

जब उसका नामांकन सही पाया गया तो रालोद खेमे में खुशी छा गई। उन्होंने मिठाई वितरित की। इस मौके पर पूर्व विधायकों के अलावा सपा जिलाध्यक्ष मनोज पंवार, अरुण तोमर बोबी, सुरेश मलिक, विकास प्रधान, बसंत बामनौली, शौकेन्द्र तोमर, बबली लोयन, अशोक चौधरी, मुनेश बरवाला, नरेश ठेकेदार आदि मौजूद रहे।

प्रत्याशी अंशु के पति को पुलिस ने हिरासत में लिया

प्रमुख पद प्रत्याशी अंशु चौधरी के ब्रजपाल सिंह को बड़ौत से छपरौली जाते समय रास्ते में ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। रालोद कार्यकतार्ओं ने ब्रजपाल सिंह को हिरासत में लेने का कारण सीओ से पूछा तो उन्होंने बताया कि ब्रजपाल के खिलाफ सात मुकदमे हैं।

उन्हें छह माह के लिए जिला बदर किया गया था। इसके बाद वह यहीं घूम रहा था। चेकिंग के दौरान हलालपुर गांव के बाद बड़ौत रोड से उसे गिरफ्तार किया। ब्रजपाल सिंह के भाई योगेन्द्र सिंह ने बताया कि उन पर पूरा दबाव दिया गया। उन्हें नामांकन करने से रोका गया। एक तानाशाही है।

वहीं प्रमुख पद प्रत्याशी अंशु चौधरी ने उसे रोकने का कारण पूछा तो उसने बताया कि पुलिस को एक प्रत्याशी को नामांकन करने जाते समय रोकने का कोई अधिकार नहीं है। पुलिस को कागज चेक करने का कब से अधिकार मिल गया। यह कार्य रिटर्निंग अधिकारी को करना होता है। उसे नामांकन करने से रोकने के लिए खूब हथकंडे अपनाए गए।

विधायक सहेन्द्र सिंह ने भाजपा की प्रत्याशी का कराया नामांकन

बड़ौत: भाजपा से छपरौली ब्लाक के लिए घोषित प्रत्याशी कमलेश का नामांकन विधायक सहेन्द्र सिंह ने अपने सामने कराया। कमलेश के साथ उनके प्रस्तावक रहे। साथ ही विधायक सहेन्द्र सिंह मौजूद रहे। उनके साथ छपरौली नगर पंचायत चेयरमैन संजीव खोखर भी रहे। बाद में बड़ौत नगर पालिका परिषद के चेयरमैन अमित राणा भी पहुंच गए थे। भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर भी नामांकन व जांच प्रक्रिया समाप्त होने के बाद छपरौली ब्लाक में पहुंचे।

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