- कोयले के बढ़ते दामों ने ईंट निर्माताओं की तोड़ी कमर
- ईंट निर्माता कल्याण समिति की बैठक में उठा मुद्दा, रेट कंट्रोल किये जाने की मांग
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: ईंट उद्योग पर संकट के बादल मंडरा रहे है। कोयले के बढ़ते दामों ने ईंट निर्माताओं की कमर तोड़कर रख दी है। बुधवार को ईंट निर्माता कल्याण समिति ने ईंट भट्ठा उद्योग पर छाये संकट को लेकर सुलभ व्यवस्था लागू करने की मांग की है। ईंट भट्ठा संचालकों का कहना है कि यदि सरकार ने अपनी पॉलिसी नहीं बदली तो उक्त उद्योग पर गम्भीर संकट आ सकता है। इसके लिए सरकार से सुलभ व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।
मेरठ रोड स्थित एक रिसोर्ट पर बुधवार को ईंट निर्माण कल्याण समिति की एक बैठक हुई। इसका संचालन समिति के महामंत्री बलराम तायल ने किया। समिति स्थापना दिवस के इस मौके पर आयोजित इस आम सभा में ईंट भट्टा उद्योग के समक्ष पेश आ रही समस्याओं को उठाया। जिले के सभी भट्टा मालिकों ने ध्वनि मत से इस बात पर खुशी जताई कि समिति का दो वर्ष का कार्यकाल पारदर्शी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने वाला रहा। सभी वक्ताओं ने आगामी सीजन की समस्याओं और अजंडे पर बात करते हुए समिति अध्यक्ष प्रमोद कुमार से इन पर प्रकाश डालने का आग्रह किया।
इस पर अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि यूएसए कोयले पर ईंट भट्टा उद्योग की पूर्ण निर्भरता करने के बजाय सरकार तत्काल घरेलू उत्पादन सुनिश्चित करें और इससे जुड़े भ्रष्टाचार और मोनोपोली पर लगाम लगाए। उन्होंने कहा कि यूएसए कोयले के दामों में लगभग दोगुने के बराबर बढोतरी होने से देश में आज चाहे ताप बिजली घर हो या भट्टा उद्योग सभी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
ट्रांसपोर्ट के दौरान कोयले में मिलावट और पानी डालकर सप्लाई करने से भट्टा मालिकों का भारी नुकसान हो रहा है। यूएसए कोयला भट्टा संचालन में परेशानी और आर्थिक स्तर पर शोषण का कारण बन रहा है। इसके बजाये सरकार को दूसरे विकल्प पर ध्यान देना चाहिए, ताकि इस उद्योग को संकट से बचाया जा सके।
इस मौके पर मुख्य रूप से जियाउर रहमान, अशोक कुमार, कृष्णपाल, वेद प्रकाश आर्य, करणवीर प्रधान, कृष्ण त्यागी, तस्लीम, अर्जुन, अंकित आर्य, पप्पू प्रधान, अनिल पुरकाजी, नसीम, नईम राणा, तेजवीर सिंह, अनिल बुड़ीना, सचिन प्रधान, अमित सैनी, लड्डन मियां आदि मौजूद रहे। समिति अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने समिति पदाधिकारी एवं जिले भर के भट्टा मालिकों का आभार जताया।

