- कई माह से टूटी पड़ी शहर की वीवीआईपी माल रोड
- आर्मी एरिया के आरवीसी सेंटर को जानी वाली रोड पर भी हुए जानलेवा गड्ढे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भाजपा विधायक लाख दावें कर लें विकास कार्यों के, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। प्रदेश भर में हाइवे बनाये जा रहे हैं, लेकिन शहर के अंदरूनी हालात कहीं भी ठीक नहीं है। ड्रेनेज सिस्टम आज तक नहीं सुधरा और सड़कों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। कैंट विधानसभा के माल रोड और आरवीसी सेंटर के पास सड़क में कई-कई फीट गहरे गड्ढे हैं, जो पिछले कई माह से ठीक नहीं हो पाये हैं।
अभी हाल ही में प्रदेश सरकार के प्रदेश में साढ़े चार वर्ष पूरे हुए हैं। जिसका जश्न पूरे प्रदेश में जोर शोर से मनाया जा रहा है। चारों ओर विकास की गंगा बहायी जा रही है। मेरठ कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने भी करोड़ों रुपये के विकास कार्य क्षेत्र में होना गिनाया, लेकिन क्षेत्रवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिये परेशान हैं। इसके लिये जनप्रतिनिधि और कैंट बोर्ड दोनों ही जिम्मेदार हैं।
बता दें कि कैंट क्षेत्र की माल रोड वीवीआईपी रोड कहलाती है, लेकिन इस रोड पर गांधी बाग के पीछे फव्वारा चौके के पास मार्ग पर कई-कई फीट गहरे गड्ढे हो चुके हैं। जिससे आये दिन दुर्घनाएं हो रही हैं। यही हाल आरवीसी सेंटर के बराबर वाले मार्ग पर है। यहां इतरे गहरे गड्ढे हैं कि फोर व्हीलर तक उन गड्ढों से निकलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में टूव्हीलर वाले लोग यहां अक्सर गड्ढों के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
यही हाल शहीद स्मारक पार्क के पास इलाहाबाद बैंक के बराबर वाली रोड का है। यहां भी गड्ढों में सड़क हैं या सड़क में गड्ढे पता ही नहीं चल रहा है। ऐसे में क्षेत्रवासियों के साथ-साथ शहर के अन्य लोगों व बाहर से आने वाले लोगों के लिये भी यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है।
पिछले छह माह से भी अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक इन सड़कों को नहीं बनवाया गया है। जबकि क्षेत्र के भाजपा नेता अमन गुप्ता इसे लेकर कैंट बोर्ड और जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करा चुके हैं। ऐसे में इनके हालात कब सुधरेंगे यह कह पाना मुश्किल है।
कैंट बोर्ड के पास सैलरी के लिये भी बजट नहीं
कैंट बोर्ड की बात करें तो कैंट बोर्ड को विभाग के कर्मचारियों के लिये ही बजट निकाल पाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में क्षेत्र की सड़कों का सुधार कहां से हो पायेगा। विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने भी दो दिन पहले पत्रकार वार्ता कर अपने विकास कार्य तो गिनाये, लेकिन क्षेत्रीय समस्याओं को कब तक समाधान करेंगे यह नहीं बताया।
उधर, कैंट बोर्ड के कार्यालय अधीक्षक जयपाल सिंह तोमर ने कहा कि अभी तक बोर्ड के कर्मचारियों को सैलरी तक नहीं मिल पाई है। मुख्यालय से जो ग्रांट मांगी गई थी वह अभी तक नहीं मिल पाई है। जिस कारण समस्याएं आ रही हैं।

