- शिकायत के बाद भी नहीं काटे जा रहे नाम, कई दुकानों पर चल रहा महाखेल
जनवाणी संवाददाता
मेरठ: फर्जी यूनिटों के आधार पर राशन की कालाबाजारी का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। फर्जी आधार कार्ड के आधार पर तो घोटाला हो रहा है अब मृतकों के नाम का राशन भी दुकानदार खा रहे हैं।
ऐसी ही एक शिकायत शास्त्रीनगर की एक दुकान पर आई है। यहां दुकानदार मृतक के नाम की यूनिट के आधार पर राशन का गोलमार कर रहा है।
जबकि विभाग की ओर से भी कई बार शिकायत करने के बाद भी यूनिट को नहीं काटा गया है।
जिलापूर्ति विभाग के खेल भी निराले हैं। यहां फर्जी आधार कार्ड के नाम पर बड़े बड़े घौटाले हो जाते हैं और अधिकारी कुछ नहीं करते।
अगर इस मामले में कार्रवाई होती भी है तो सिफ यूनिटों को काटने की। जबकि उन यूनिटों पर लाखों रुपये का राशन वितरित होता है, जोकि सिर्फ कागजों में बंटता है।
उसके पैसे की रिकवरी आज तक विभाग की ओर से नहीं दिखाई गई। अब एक शिकायत है कि यहां मृतकों के नाम पर भी राशन डकारा जा रहा है।
एक पीड़िता ने इसकी शिकायत की है। महिला का कहना है कि उसके पति की मौत के बाद भी उसकी यूनिट नहीं कट रही है और दुकानदार उसका राशन हमें न देकर खुद खा रहा है।
शास्त्रीनगर की एक दुकान का मामला
शास्त्रीनगर के सेक्टर-11 में शाहरुख के नाम से राशन की एजेंसी है। जिस पर एक अन्य दुकान भी अटैच है। यहां सेक्टर-11 में रहने वाली महिला रजनी का कहना है कि उसका कार्ड संख्या 113840582055 संख्या का इस दुकान पर लगा है।
उनके पति का नाम देवेन्द्र था जिनकी मृत्यु हो चुकि है, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद भी दुकान से उनका नाम नहीं काटा गया है। इसे लेकर महिला की ओर से हीरालाल बिल्डिंग में भी शिकायत की गई, लेकिन इनकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
अभी तक यूनिट नहीं कटी। महिला का कहना है कि उनकी यूनिट का राशन दुकानदार उन्हें देने से मना कर देता है और खुद ही उस राशन को रख रहा है। उन्होंने इस संबंध में आलाधिकारियों से शिकायत की बात कही है।
दुकान न खुलने पर हंगामा
उधर, सेक्टर दो की महिलाओं ने सोमवार को दुकान न खुलने पर हंगामा किया। महिलाओं का कहना है कि उनकी दुकान भी इसी दुकान पर अटैच है।
जिस कारण वह यहां राशन लेने आते हैं, लेकिन सोमवार को भी वह राशन लेने आये, लेकिन दुकानदार ने दुकान खोलने से मना कर दिया।
कई बार यहां अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों ने क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक रविन्द्र को फोन कर शिकायत की, जिसके बाद दुकानदार ने दुकान खोलकर राशन वितरित किया। दुकानदार का कहना था कि वह किसी कार्य से बाहर था।
उधर, दुकानदार ने मृतक की यूनिट का राशन लेने से भी इनकार किया। उधर, अधिकारियों का कहना है कि अगर यूनिट काटने के लिये आवेदन किया गया है तो यूनिट काट दी जायेगी। यूनिट काटने के लिये आवेदन करने के बाद ही यूनिट काटी जाती है।

