जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नौसेना में एक नया इतिहास रचा गया है। पहली बार महिला अधिकारियों को नौसेना की हेलिकॉप्टर स्ट्रीम में आब्जर्वर की जिम्मेदारी दी गई है। जिन दो महिला अधिकारियों का चयन किया गया है, अब वो वॉर शिप में तैनात रहने वाले लड़ाकू विमानों को आपरेट करेंगी।
इससे पहले नौसेना में महिलाओं की एंट्री सिर्फ कुछ निश्चित विंग एयरक्राफ्ट तक ही सीमित रहती थी। जिन दो महिला अधिकारियों का चयन किया गया है, उनमें गाजियाबाद निवासी सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रिति सिंह हैं। इन प्रतिभाशाली लड़कियों ने उन लड़कियों के लिये राहें खोल दी हैं जो अपने जीवन में लीक से हटकर चुनौतीपूर्ण काम करना चाहती हैं। इन लड़कियों की उपलब्धियों पर मेरठ के लोगों का कहना है कि यह गौरवपूर्ण उपलब्धि है और इससे सभी को प्रेरणा मिलेगी।

आरजी पीजी कॉलेज एनसीसी मेजर डॉ. पूनम लखन पाल का कहना है की महिलाओं के लिए कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं रहा है। सेना पुलिस में भी महिलाओं की नियुक्ति स्वागत योग्य है। यह महिलाओं के हौंसलों की उड़ान का एक नया आयाम है। एनसीसी बालिका कैडेट्स में इसके प्रति विशेष उत्साह है। उनका बढ़ता मनोबल, उत्साह, लगन व निष्ठा राष्ट्र सेवा में योगदान देगा।

आरजी पीजी कॉलेज एनसीसी छात्रा अशित त्यागी का कहना है कि नौसेना मैं बेटियां भी अब अपना दम दिखा सकेंगे यह एक सराहनीय बात है। उन्होंने कहा कि में एनसीसी छात्रा हूं लेकिन, जब मैं एनसीसी की यूनिफार्म पहनती हूं तो मुझ में एक अलग ही जज्बा जाता है और मुझे लगता है कि मुझे देश के लिए कुछ अलग कर दिखाना है। नौसेना में लड़कियों का जाना एक बहुत छोटी सी पहल है। क्योंकि बेटियां इससे और भी ज्यादा कर सकती है।
एनसीसी छात्रा रीतू का कहना है कि नौसेना में जाकर इन दोनों बेटियों ने लोगों की सोच बदलने का काम किया है। क्योंकि आज भी अधिकांश परिवारों में लोगों की सोच यही है कि बेटी शादी करा केवल खाना बनाना बच्चों को पालने का काम ही कर सकती है। मगर, नौसेना में वीडियो बजाना ऐसे लोगों को सबक सिखाने का काम करेगा और एनसीसी आदि में जाने वाली लड़कियों के लिए भी रास्ते खुलेंगे।


