Monday, May 4, 2026
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नानू गंगनहर पर बनेंगे टू-लेन के दो पुल

  • एक छोर पर फाउंडेशन लगभग हो चुका है तैयार, दूसरे छोर पर तेजी से चल रहा फाउंडेशन का काम
  • गंगनहर में पानी आने से पहले पिलर खड़े करने का टारगेट

दानिश अंसारी |

सरधना: मेरठ-करनाल हाइवे पर आने वाले नानू गंगनहर पर एक नहीं, बल्कि टू-लेन के दो पुल बनाए जाएंगे। एक पुल वाहनों आने व दूसरा जाने के लिए बनेगा। इसके लिए दिन-रात काम चल रहा है। एनएचएआई ने गंगनहर एक छोर पर दोनों पुल के फाउंडेशन तैयार कर दिए है, जबकि दूसरी छोर पर फाउंडेशन का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। गंगनहर में पानी का स्तर बढ़ने से पहले पिलर खड़े करने का टारगेट रखा गया है।

हालांकि पुल इसी माह में अगले साल ही बनकर तैयार होंगे। क्योंकि चलते पानी में काम करना संभव नहीं है। वहीं अब तक एनएचएआई के केंद्र पर पिलर के ऊपर रखे जाने वाले पुल बनकर तैयार हो चुके हैं। यानी पिलर खड़े होते ही कुछ ही दिन में दोनों पुल बनकर तैयार हो जाएंगे।

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मेरठ-करनाल हाइवे के चौड़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इस हाइवे पर पड़ने वाला नानू गंगनहर पुल बड़ी चुनौती बना हुआ था। क्योंकि करीब 150 साल पुराना पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। जो कभी भी हादसे का सबब बन सकता है। हाइवे चौड़ीकरण के साथ ही एनएचएआई द्वारा फोर लेन का पुल भी बनाया जा रहा है। जिसकी शुरुआत गतवर्ष इसी माह हुई थी। क्योंकिं दीपावली से पहले गंगनहर में पानी बंद दिया जाता है।

गतवर्ष एनएचएआई द्वारा पानी बंद होने पर पिलर की बुनियाद भरी गई थी। अब फिर से पानी बंद हुआ तो तेजी से कार्य शुरू किया गया। खास बात यह है कि हाइवे पर पड़ने वाली गंगनहर पर एक नहीं, बल्कि दो पुल का निर्माा होना है। दोनों पुल टू-लेन के बनाए जाएंगे। जिनमें एक पर वाहनों के आने व दूसरे पर जाने की सुविधा दी जाएगी। ताकि जाम की समस्या से भी निजात मिल सके। दोनों पुल के फाउंडेशन का काम चल रहा है।

गंगनहर के एक छोर पर फाउंडेशन तैयार हो चुका है, जबकि दूसरे छोर पर तेजी से काम चल रहा है। एनएचएआई का टारगेट है कि गंगहर में पानी का स्तर बढ़ने से पहले दोनों छोर पर फाउंडेशन तैयार करके पिलर खड़े करने हैं। ताकि अगले वर्ष पानी रुकने पर पूरा पुल तैयार किया जा सके। इसके लिए पिलर पर रखे जाने वाले पार्टस तैयार हो चुके हैं। फिलहाल यहां दिन-रात युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य चल रहा है।

वहीं, इस संबंध में प्रोजैक्ट मैनेजर स्ट्रक्चर, एनएचएआई, दयानंद सिंह का कहना है कि गंगनहर पर टू-लेन के दो पुल बनाने का कार्य चल रहा है। दोनों पुल के फाउंडेशन एक छोर पर तैयार हो गए हैं। दूसरे छोर पर फाउंडेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। हमारा टारगेट है कि गंगनहर में पानी का स्तर बढ़ने से पहले पिलर खड़े करने हैं। ताकि अगले साल पानी बंद होने पर पुल पूरी तरह से तैयार किए जा सकें।

भू-स्खलन बना चुनौती

एनएचएआई के प्रोजेक्ट जेई आरके मिश्रा ने बताया कि गंगनहर के किनारे मिट्टी का कटान एनएचएआई के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। फाउंडेशन का जो काम पांच दिन में पूरा होना था। वह कार्य 10 दिन में भी मुकम्मल नहीं हो सका है। क्योकि बार-बार मिट्टी का कटान हो रहा है। जिससे कार्य बाधित हो रहा है। अब तक तीन बार कटान के कारण कार्य बाधित हो चुका है।

गंगनहर में पानी भी बना है परेशानी

इस बार गंगनहर में पानी पूरी तरह से बंद नहीं है। गतवर्ष गंगनहर में पानी पूरी तरह बंद हो गया था। मगर इस बार ऐसा नहीं है। काफी हद तक गंगनहर में पानी चल रहा है। जिससे गंगनहर के अंदर क्रेन व अन्य मशीनें उतारे में परेशानी हो रही है। इस कारण भी कार्य की गति धीमी चल रही है।

ऊपर के पार्ट्स हो चुके हैं तैयार

एनएचएआई द्वारा पुल के पिलर बनाने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। क्योंकि पिलर के ऊपर रखे जाने वाले पार्ट्स यानी सड़क वाले हिस्से एनएचएआई बना चुका है। यानी कि पिलर तैयार होते ही क्रेन की मदद से उन हिस्सों को रखकर पुल तैयार कर दिए जाएंगे। जिसको लेकर कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।

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