जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार सुबह पूरे कश्मीर में कई स्थानों पर आतंकी फंडिंग मामले में प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) से जुड़े लोगों के आवास पर छापे मारे। यह छापेमारी 8 और 9 अगस्त को श्रीनगर, बडगाम, गांदरबल, बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, अनंतनाग, शोपियां, पुलवामा, कुलगाम, रामबन, डोडा, किश्तवाड़ और राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी एजेंसी के 61 छापे के क्रम में जारी है।
एनआईए ने सुबह छह बजे से जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के साथ तलाशी अभियान चलाया। इससे पहले 22 अक्तूबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर के छह जिलों में छापा मारा था। जिसमें सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए कई आतंकवादियों के आवास भी शामिल थे।
एनआईए ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया। घाटी में आम नागरिकों की हत्या के सिलसिले में एनआईए लगातार कार्रवाई कर रही है। जिन लोगों या संदिग्धों के ठिकानों पर छापे पड़े हैं, उन पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आतंकियों की मदद करने का आरोप हैं।
10 अक्तूूबर को 16 जगहों पर मारा था छापा
इससे पहले 10 अक्तूबर यानी रविवार को भी एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में 16 जगहों पर छापा मारा था। एनआईए ने कुलगाम, बारामुला, श्रीनगर, अनंतनाग में कार्रवाई की थी। जानकारी के अनुसार, वॉयस ऑफ हिंद पत्रिका से जुड़े मामलों में यह कार्रवाई की गई है।
टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट) के कमांडर सज्जाद गुल के घर पर भी अधिकारियों ने छापा मारा। ‘वॉयस ऑफ हिंद’ पत्रिका (जिसका मकसद युवाओं को उकसाना और कट्टरपंथी बनाना है) के प्रकाशन और आईईडी की बरामदगी के संबंध में जम्मू-कश्मीर में 16 जगहों पर कार्रवाई हुई।
जिसमें एजाज अहमद टाक पुत्र गुलाम मोहम्मद टाक, मुदासिर अहमद अहंगर पुत्र गुलाम मोहिउद्दीन अहंगर, नसीर मंजूर मीर पुत्र मंज़ूर अहमद मीर और जुनैद हुसैन खान पुत्र मोहम्मद हुसैन खान को अचबल थाने ले जाया गया और उनसे पूछताछ की गई।
12 अक्तूबर को भी 16 जगहों पर मारा था छापा
इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी संबंधी गतिविधियों के मद्देनजर मंगलवार को 16 जगहों पर छापेमारी की थी। एनआईए ने यह छापा लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेएम), हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम), अल बद्र, द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), पीपल अगेंस्ट फासिस्ट फोर्सेज (पीएएफएफ), मुजाहिदीन गजवतुल हिंद (एमजीएच) समेत विभिन्न आतंकी संगठनों की साजिशों का पर्दाफाश करने के लिए मारा था। सूत्रों के अनुसार 10 अक्तूबर को नया मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद एनआईए द्वारा छापेमारी की गई।
13 अक्तूबर को भी दो जगहों पर मारा था छापा
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में दो स्थानों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान स्थित लश्कर की शाखा, द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के खिलाफ एक नए मामले के सिलसिले में छापेमारी की। एनआईए ने इस दौरान पांच और आतंकवादियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आतंकियों की पहचान मोहम्मद हनीफ चिरालू, हफीज, ओवैस दार, मतीन भट और आरिफ फारूक भट के रूप में हुई। यह मामला लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, अल बदर और उनके सहयोगियों के कैडर द्वारा जम्मू-कश्मीर और अन्य प्रमुख शहरों में हिंसक आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की साजिश रचने से संबंधित है।

