जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: हाईकोर्ट ने सिविल सेवा परीक्षा में दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए असीमित प्रयास की मांग वाली याचिका पर केंद्र और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को नोटिस जारी किया है।
याचिका में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में दिव्यांगों की सभी श्रेणियों को 47 साल तक की उम्र में छूट देने की भी मांग की गई है। इनके लिए आयु सीमा अभी 42 वर्ष है।
याचिकाकर्ता इवारा फाउंडेशन ने आर्यन राज मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने की मांग की है। चंडीगढ़ प्रशासन और अन्य मामले में शीर्ष अदालत ने कहा है कि विकलांग व्यक्ति भी सामाजिक रूप से पिछड़े हैं।
इसलिए, सार्वजनिक रोजगार और शिक्षा में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के समान लाभ के हकदार हैं। याचिका में कहा गया है कि 712 रिक्तियों में से यूपीएससी ने दिव्यांग वर्ग के लिए केवल 22 सीटें आरक्षित की हैं। यूपीएससी आईएएस 2021 की मुख्य परीक्षा के लिए कुल 9,214 अभ्यर्थियों ने क्वालीफाई किया है।
आयोग ने चुनाव प्रबंधन के लिए जारी किए पांच प्रशिक्षण मॉड्यूल
चुनाव आयोग ने बुधवार को राजनीतिक दलों, चुनाव प्रबंधन, मतदाता पंजीकरण से संबंधित पांच अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण मॉड्यूल जारी किए।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा, इस विशेष मॉड्यूल को इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट ने इंटरनेशनल फाउंडेशन फॉर इलेक्टोरल सिस्टम के सहयोग से विकसित किया है।
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब
उच्च न्यायालय ने बुधवार को 2006 मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले की जांच में शामिल आईपीएस अधिकारियों के बारे में जानकारी के लिए सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत जानकारी देने से इनकार करने संबंधी मुद्दे को चुनौती याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने अधिकारियों के भ्रष्टाचार और उनके मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाने वाले एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी की दो याचिकाओं पर गृह मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी को नोटिस जारी किया है।

