Monday, March 23, 2026
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नौ माह बाद ज्ञानमती माता का जंबूद्वीप में मंगल प्रवेश

जनवाणी संवाददाता |

हस्तिनापुर: सर्वोच्च जैन साध्वी गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी का शनिवार को हस्तिनापुर स्थित जंबूद्वीप में मंगल प्रवेश हुआ। इस मौके पर जंबूद्वीप प्रांगण जयकारों से गुंजायमान हो गया। माताजी का नौ माह बाद जंबूद्वीप में मंगल प्रवेश हुआ है। संस्थान के प्रबंध मंत्री डा. जीवन प्रकाश जैन ने बताया कि पूज्य ज्ञानमती माताजी का मंगल विहार हस्तिनापुर से दिल्ली की ओर विगत 10 मार्च 2021 को हुआ था।

पूज्य माताजी पिछले नौ माह से राजधानी दिल्ली में अपना सान्निध्य प्रदान कर रही थीं। दिल्ली में माताजी की प्रेरणा से कनॉट प्लेस एरिया में चक्रवर्ती भगवान भरत ज्ञानस्थली दिगम्बर जैन तीर्थ का निर्माण हुआ है। जिसके निमित्त से माताजी का दिल्ली गमन हुआ था। इस तीर्थ की भव्य प्राणप्रतिष्ठा जून 2021 में सम्पन्न हुई, जिसके उपरांत माताजी का चातुर्मास भी दिल्ली में सम्पन्न हुआ। इन सभी कार्यक्रमों के उपरांत गत 25 नवम्बर को पूज्य माताजी का मंगल विहार राजधानी दिल्ली से हस्तिनापुर के लिए हुआ था।

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दिल्ली की अनेक कालोनियों में ऐतिहासिक धर्मप्रभावना के उपरांत गाजियाबाद, मुरादनगर, मोदीनगर, मेरठ व मवाना होते हुए माताजी का मंगल आगमन हुआ। पूज्य माताजी जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी हैं। जिन्होंने हस्तिनापुर में जम्बूद्वीप तीर्थ निर्माण के साथ ही देश के अनेक स्थानों पर जैन तीर्थों का निर्माण कराकर जैन संस्कृति का ऐतिहासिक विकास और संरक्षण किया है।

मात्र चौथी कथा पास होकर भी जैनधर्म के कठिन से कठिन सिद्धान्तों पर आज 500 से अधिक ग्रंथ लिखकर समाज को प्रदान किये हैं। ऐसी महान साध्वी का आगमन पुन: जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर में हुआ, जिससे हस्तिनापुर वासी आदि जैन समाज के सभी भक्तों में हर्ष की लहर है। इस मौके पर सुनील जैन, मनोज जैन, राकेश जैन-मेरठ, धरणेन्द्र जैन-दिल्ली, सुधांशू जैन, सतीश जैन, मुकेश जैन-सरधना से, अशोक जैन-मेरठ, विशाल जैन-मेरठ, डा. जीवन प्रकाश जैन, प्रतिष्ठाचार्य विजय जैन आदि भक्त उपस्थित रहे।

पीठाधीश रवींद्रकीद्गत स्वामी ने बताया कि 10 मार्च 2021 को ज्ञानमती माताजी का मंगल विहार हुआ था। पिछले नौ माह से माताजी का दिल्ली में प्रवास था और चातुर्मास भी दिल्ली के कनाट प्लेस में ही संपन्न हुआ। इसी दौरान भगवान भरत ज्ञान स्थली दिगंबर जैन तीर्थ का निर्माण हुआ है। संस्थान के प्रबंध मंत्री डा. जीवन प्रकाश जैन ने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविद के निमंत्रण पर माताजी ने राष्ट्रपति भवन में भी पहुंची और अपने मंगल प्रवचनों से राष्ट्रपति भवन को ओतप्रोत कर दिया। इसके पश्चात माताजी का 25 नवंबर को दिल्ली से हस्तिनापुर के लिए विहार हुआ था।

विहार के दौरान गाजियाबाद, मुरादनगर, मोदीनगर, मेरठ व मवाना होते हुए जुलूस के माताजी का हस्तिनापुर जंबूद्वीप में मंगल प्रवेश हुआ। ज्ञानमती माताजी ने मंगल प्रवचन भी किए। संघपति बनने का सौभाग्य सुजाता शाह पुणे को मिला। इस अवसर पर मेरठ, मवाना, सरधना, बड़ौत, खतौली, दिल्ली आदि स्थानों से श्रद्धालुओं ने पहुंचकर धर्मलाभ अद्गजत किया। मंगल प्रवेश के दौरान कस्बे में माताजी का कई स्थानों पर स्वागत भी हुआ। यहां सुनील जैन, मनोज जैन, राकेश जैन, धरणेंद्र जैन, सुधांशु जैन, विशाल जैन, प्रतिष्ठाचार्य विजय जैन आदि रहे।

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