- ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन पर स्वत: कटेगा चालान
- नये साल में मुख्य चौराहों पर लगेगा विशेष सिस्टम तेजगढ़ी चौराहे से होगी शुरुआत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वाहन चालकों को नये साल में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना भारी पड़ेगा। शहर के मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस न हो, इसके बावजूद ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान मोबाइल फोन पर पहुंच जाएगा। इसके लिए शहर के सभी मुख्य चौराहों पर आधुनिक तकनीक से लैस उन्नत प्रणाली सिस्टम लगाया जा रहा है। जिसे नये साल से शुरू किए जाने की पूरी संभावना है।
शहर के सभी मुख्य चौराहों पर इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू होने जा रहा है। यह सिस्टम आॅटोमेटिक होगा और खुद ही संचालित होगा। चौराहों पर ट्रैफिकर्मी हो या न हो, यह आधुनिक सिस्टम अपने काम करता रहेगा। यह सिस्टम रेड लाइट कूदने, बिना हेलमेट बाइक चलाने जैसे नियमों का उल्लंघन करने वालों को यह सिस्टम आसानी से पकड़ लेगा।
यही नहीं गाड़ी के नंबर पर तत्काल आॅनलाइन चालान वाहन स्वामी के मोबाइल फोन पर भेज दिया जाएगा। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर यह आधुनिक सिस्टम में लगे कैमरे संबंधित गाड़ी समेत पूरे घटनाक्रम की फोटो खींच लेगे। इस सिस्टम के सर्वर में खींची गई फोटो एक से डेढ़ महीने तक सुरक्षित रहेगी।
पहले होगा ट्रायल, फिर होगी शुरुआत
इस आधुनिक सिस्टम का ट्रायल 28 दिसंबर से होने की संभावना है। इसकी शुरुआत होने से पहले कुछ दिनों तक ट्रैफिक पुलिस द्वारा आॅनलाइन चालान नहीं किया जाएगा। इसकी शुरुआत करने से पहले लोगों को आधुनिक सिस्टम के बारे में जानकारी दी जाएगी। अनाउंसमेंट के माध्यम से अगर कोई गाड़ी चौराहे पर खड़ी है और यातायात में बाधक बन रही है तो पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए उसे हटाने को कहा जाएगा। इसके बावजूद गाड़ी को नहीं हटाया गया तो उसे सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चौराहों पर लगेगा इमरजेंसी कॉल बॉक्स
ट्रैफिक इंस्पेक्टर विजेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में हर चौराहों पर आॅटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल, सिग्नल तोड़ने पर आॅटोमेटिक कैमरा और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के अलावा इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगेगा। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी कॉल बॉक्स में लगे बटन को दबाने पर कंट्रोल रूम में कॉल आएगी, इसके बाद संबंधित व्यक्ति की मदद की जाएगी।
तेजगढ़ी चौराहे से होगी शुरुआत
इस आधुनिक सिस्टम की शुरूआत तेजगढ़ी चौराहे से होगी। इसके बाद शहर के सभी मुख्य चौराहों पर इस सिस्टम को लगाया जाएगा। माना जा रहा है कि इस सिस्टम के लगने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों में कमी आएगी। इसी के साथ ट्रैफिक पुलिस का भी समय बचेगा और ट्रैफिक व्यवस्था बनाने में भी सुधार होगा।

