- पांच दिन से होटल में रुका हुआ था व्यापारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: थाना सदर बाजार क्षेत्र के बेगमपुल स्थित होटल लिब्रा में मंगलवार को पिछले पांच दिन में ठहरे एक व्यापारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। मौत का पता उस समय चला जब होटल कर्मचारियों ने होटल में ठहरे व्यापारी के कमरे को साफ करने के खुलवाने का प्रयास किया जो अंदर से बंद मिला।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। रुड़की निवासी इमरान कारोबार के सिलसिले मे अक्सर मेरठ में आता था। वह होटल लिब्रा में रुकता था। होटल मालिक के अनुसार दस दिसंबर को इमरान होटल में ठहरने के लिये आया था। वह होटल में कमरा नम्बर 203 में रुका हुआ था।
मंगलवार सुबह के समय होटल के कर्मचारी कमरे को साफ करने के लिये गये तो काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। जिस पर कर्मचारी ने इसकी जानकारी होटल मैनेजर को दी। तत्काल पुलिस को जानकारी दी गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर खोला तो कमरे के अंदर उसका शव पडा था।
पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, लेकिन पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज कर परिजनों को सूचित कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
अपनी जमीं छोड़, शहर के होटलों में दे रहे जान
शहर के होटलों में हर माह कोई न कोई मौत को गले लगा रहा है। होटल के कमरों में मौत को गले लगाने वालों में ज्यादातर लोग दूसरे शहरों के रहने वाले है। ऐसे लोग अपनी जमीं को छोड़कर आखिर शहर के होटलों को ही क्यों चुन रहे है। कोई जहरीला पदार्थ खाकर जान दें रहा है तो कोई तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर रहा है। पुलिस भी ऐसे मामलों में कुछ नहीं कर पा रही है। हालांकि मंगलवार को भी लिब्रा होटल में पांच दिन से ठहरे एक बुजुर्ग की संदिग्ध मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने इस मामले में जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
इन होटलों में लोग दें चुके हैं जान
केस -1
टीपीनगर थाना क्षेत्र के दिल्ली रोड स्थित तिरुपति होटल में चार जुलाई को मोहकमपुर के रहने वाले रोहन(28) ने अपनी प्रेमिका अर्चना के साथ कमरा लिया था। रोहन ने होटल मैनेजर से प्रेमिका का बर्थडे मनाने के नाम पर कमरा बुक कराया था। इसके बाद प्रेमी युगल ने एक सुसाइड नोट लिखकर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। प्रेमी युगल के होटल के कमरे में आत्महत्या करने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। हालांकि दोनों के परिवारों ने किसी तरह की कार्रवाई के लिए इनकार कर दिया था।
केस-2
नौचंदी थाना क्षेत्र के होटल डायमंड में गत सात दिसंबर को कंकरखेड़ा स्थित तुलसी कॉलोनी के रहने वाले विनय कुमार यादव ने कमरा बुक कराया था। विनय कुमार यादव एक निजी बैंक में जॉब करता था। रात में अपने तीन दोस्तों के साथ खाना खाने के बाद विनय होटल के कमरे में अकेला गया था। इसके बाद उसने जहरीला पदार्थ खाकर मौत को गले लगा लिया। विनय की मौत की सूचना मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया।
केस-3
गढ़ रोड स्थित हारमनी होटल में हापुड़ के मोहल्ला श्रीनगर के रहने वाले कपड़ा व्यापारी के पुत्र उज्ज्वल दीवान ने कमरा बुक कराया था। उज्ज्वल दीवान हिंदुस्तान लिवर लि. में मेरठ जनपद एरिया का सेल्स मैनेजर था। देर रात में खाना खाने के बाद उज्ज्वल दीवान ने होटल के कमरे में ही दुपट्टे का फंदा बनाकर पंखे से लटकर जान दे दी थी। उज्ज्वल दीवान अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। पुलिस जांच में सामने आया था कि उज्ज्वल ने कर्ज में डूबे होने के कारण मौत को गले लगाया है। यही नहीं उसके पास से सल्फास की गोली भी बरामद हुई थी।
केस-4
बागपत रोड स्थित सिग्नेचर होटल के मालिक गगन गोयल के चाचा आशीष बंसल उर्फ सोनू पुत्र श्रीपाल बंसल ग्रेटर नोएडा में प्रोपर्टी डीलर का काम करते थे। वह अक्सर मेरठ में आते रहते थे और सिग्नेचर होटल में ही ठहरते थे। आशीष बंसल ने भी होटल के कमरे में अपनी लाइसेंसी पिस्टल रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या की थी। उनके पास से भी सल्पास की पुडिया बरामद हुई थी। पुलिस जांच में आशीष बंसल ने भी यह कदम कर्ज में डूबे होने के कारण ही उठाया था।
केस-5
नौचंदी थाना क्षेत्र के गढ़ रोड पर पीके होटल में हापुड़ के रहने वाले एलएलबी के छात्र रोहित ने कमरा बुक कराया था। रोहित ने भी होटल के कमरे में तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या की थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि रोहित प्रेमिका से ब्रेकअप होने से डिप्रेशन में चल रहा था। जिस कारण उसने खुद को मौत को गले लगा लिया था।

