जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: कपड़ा और जूतों के कारोबार में जीएसटी की मार से व्यापारियों में रोष है। व्यापारियों ने शनिवार को केन्द्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान के आवास पर प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम एक ज्ञापन मंत्री को सौंपा और इसके सहारे कपड़ा तथा फुटवियर उद्योग के जीएसटी की अधिसूचना को वापस लिये जाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल के जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष पूर्व विधायक अशोक कंसल के नेतृत्व में व्यापारियों ने कपड़ा एवं फुटवियर उद्योग पर जीएसटी अधिसूचना 14/2021 दिनांक 18 नवम्बर 2021 को लेकर विरोध जताया। व्यापारी इसको लेकर केन्द्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान के एटूजेड कालौनी स्थित आवास पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। व्यापार मण्डल की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम एक ज्ञापन व्यापारियों ने केन्द्रीय राज्यमंत्री को सौंपा। ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और स्वास्थ्य मनुष्य की मूलभूत आवश्यकता है।
कपड़ा और फुटवियर एक बुनियादी जरूरत है और बड़े रोजगार का साधन बना हुआ है। यह गरीब व्यक्तियों के लिए एक मूलभूत आवश्यकता में भी आता है। यह वैभव बढ़ाने की चीज नहीं है। इस पर महंगाई पूरी तरह से अव्यवहारिक है। उन्हों इससे कि केन्द्र सरकार की मेक इन इण्डिया विजन और देश को आत्मनिर्भर बनाने की योजना भी कमजोर पड़ेगी। इस पर जीएसटी बढोतरी के कारण छोटे व्यापारियों की लागत बढ़ेगी और रोजगार में भी कमी आयेगी। इस महंगाई का सीधा असर उपभोक्ताओं पर होगा।
शहर से ग्रामीण स्तर तक महंगाई बढ़ेगी। व्यापारी वर्ग भी इस जीएसटी नियम से परेशान है। टैक्सटाइल और फुटवियर पर 5 प्रतिशत से 12 प्रतिशत टैक्स के प्रावधान को गलत बताते हुए व्यापारियों से सरकार से इसे वापस लिये जाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व विधायक अशोक कंसल, श्याम सिंह सैनी, अजय सिंघल, प्रवीण खेडा, राकेश गर्ग, बाबूराम मलिक, दिनेश बंसल, सुनील तायल, सुलक्खन सिंह, अनिल तायल, अमित मित्तल, पंकज अपवेजा, संजय मित्तल, विजय वर्मा, हर्षवर्धन बंसल, विकास अग्रवाल, दीपक गोयल, शोभित सिंघल, कशिश गोयल, अजय गुप्ता, अलका शर्मा, रोशनी पांचाल, हितेश डाबर, अनुराग, अनिल नामदेव, अशोक छाबडा, अजय मदान, अरूण जैन, राजकुमार, राकेश कंसल, योगेश भगत, केपी त्यागी, नरेश सिंघल, देवेन्द्र वर्मा आदि व्यापारी शामिल रहे।

