- जनवाणी से विशेष बातचीत में एडीजी रेलवे ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा ही प्राथमिकता
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे पीयूष आनंद का कहना है कि अब यह प्रयास किया जा रहा है कि जीआरपी में जिन लोगों का तबादला किया जाए वो उसके गृृृह जनपद के करीब का हो ताकि उसके परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा करना ही जीआरपी की प्राथमिकता है।
जीआरपी में दैनिक जनवाणी से बातचीत में एडीजी रेलवे ने कहा कि हाल ही में मुरादाबाद मंडल ने बेहतरीन काम किया है और कई बड़े अपराधिक मामले खोलकर अच्छी खासी रिकवरी की है। मेरठ जीआरपी भी बढ़िया काम कर रही है और थाने में महिला सशक्तीकरण के लिये अलग से व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि एक साल से तय किया गया है कि जीआरपी में जिन पुलिसकर्मियों का तबादला किया जाए उनको उनके गृह जनपद के आसपास ही पोस्ट किया जाए ताकि उनके परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े। एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि हाल ही में धमकी भरे पत्र रेलवे स्टेशनों को मिल रहे है।
हालांकि 90 से 95 प्रतिशत पत्र फर्जी और शरारतन लिखे जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी उनको गंभीरता से लेकर स्थानीय पुलिस और इंटेलीजेंस के साथ मिलकर तह तक पहुंचने का काम किया जाता है। उन्होंने बताया कि ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है और यात्री के साथ कोई घटना घटित होती है तो निकट के जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा कि खुशी इस बात की है कि जीआरपी में काम तेजी से चल रहा है और सुरक्षा के हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।
एडीजी रेलवे ने किया जीआरपी का निरीक्षण
अपर पुलिस महानिदेशक पीयूष आनंद ने सोमवार को सिटी स्टेशन पर जीआरपी का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। एडीजी रेलवे दोपहर पौने एक बजे के करीब जीआरपी पहुंचे और जीआरपी प्रभारी विजय कांत सत्यार्थी से थाने की प्रगति रिपोर्ट ली। इसके बाद एडीजी ने मालखाने और शस्त्रागार का निरीक्षण कर हथियारों का मिलान कराया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से वार्ता की और उनको तमाम टिप्स दिये। उन्होंने चल रहे लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिये। एडीजी रेलवे के साथ एसपी रेलवे अपर्णा गुप्ता भी मौजूद थी।