Saturday, April 4, 2026
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राहुल बजाज का निधन, राष्ट्रपति कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक

  • राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
  • सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: बजाज मोटर्स के संस्थापक राहुल बजाज का शनिवार को निधन हो गया। वे 83 वर्ष के थे। बजाज 50 साल तक अपनी खड़ी की हुई कंपनी के चेयरमैन भी रहे। उन्हें सरकार ने 2001 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था।

राहुल बजाज के निधन से न सिर्फ कारोबारी जगत बल्कि पूरे देश में शोक की लहर है। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री सीएम उद्धव ठाकरे ने शोक जताते हुए घोषणा की कि राहुल बजाज का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने पद्म भूषण से सम्मानित उद्योगपति राहुल बजाज के निधन पर शोक व्यक्त किया। राष्ट्रपति की ओर से किए गए ट्वीट में लिखा गया कि राहुल बजाज का करियर देश के कॉर्पोरेट क्षेत्र के उदय को प्रदर्शित करता है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्विटर के जरिए शोक जाहिर करते हुए लिखा कि राहुल बजाज के बजाज ग्रुप का बीते पांच दशकों से उद्योग जगत में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनका जाना देश के लिए एक बड़ी क्षति है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उद्योगपति राहुल बजाज के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया कि व्यवसाय से परे, वह सामुदायिक सेवा के बारे में भावुक थे और एक महान संवादी थे।

राकांपा के प्रमुख शरद पवार ने बजाज समूह के पूर्व अध्यक्ष राहुल बजाज को एक परोपकारी व्यक्ति के रूप में याद किया। उन्होंने अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दिवंगत उद्योगपति युवा उद्यमियों के लिए एक लाइटहाउस की तरह थे। केंद्रीय मंत्री रावसाहब दानवे ने कहा कि उनका जाना हमारे, उद्योगजगत और पुणे के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वे सिर्फ एक उद्योगपति नहीं, एक समाजिक कार्यकर्ता भी थे।

बड़े समाजसेवी थे राहुल बजाज

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वे जिस घराने से थे उसका देश की स्वतंत्रा में एक बड़ा योगदान था। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में इस परिवार का एक बड़ा योगदान था। वे सिर्फ एक उद्योगपति नहीं बल्कि कई संस्थाओं को चलाने वाले समाजसेवी थे। उनका जाना सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है। सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि मैं उन्हें ताऊ जी कहती थी। उनका हमारे परिवार से घरेलू सम्बन्ध था। यह हमारा पर्सनल नुकसान है। उन्होंने हमेशा देश, राज्य और समाज के लिए काम किया।

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