Saturday, March 7, 2026
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सोसाइट नोट लिख फंदे पर झूली छात्रा

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: गाजियाबाद के कविनगर के दुर्गा एंक्लेव में पढ़ाई के तनाव में आकर 12वीं पास छात्रा ने सोमवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को मौके से डायरी में लिखा सुसाइड नोट मिला। जिसमें छात्रा ने माफी मांगते हुए लिखा कि सॉरी मम्मी-पापा, जैसा वह चाहते थे, वह वैसी नहीं बन सकी। अस्पताल से मीमो प्राप्त होने पर पुलिस को घटना का पता चला।

परिजनों ने पुलिस से शव का पोस्टमार्टम न कराने की गुहार लगाई। जिसके बाद पंचनामा भर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। दुर्गा एंक्लेव निवासी संजय त्यागी नोएडा की एक आईटी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनकी बेटी नंदिनी (18) ने इस वर्ष 12वीं पास की थी, जबकि बेटा आदित्य 10वीं का छात्र है। नंदिनी ने सोमवार सुबह कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

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परिजनों ने देखा तो उसे फंदे से उतारकर आनन-फानन सर्वोदय अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। कविनगर एसएचओ संजीव शर्मा ने बताया कि परिजनों की गुहार पर पोस्टमार्टम कराए बिना शव उन्हें सौंप दिया गया।

रक्षाबंधन पर थी खुश

पुलिस के मुताबिक, परिजन 12वीं पास करने के बाद नंदिनी का एडमिशन अच्छे कॉलेज में कराने का प्रयास कर रहे थे। वह अकसर उसे पढ़ाई के लिए टोका करते थे, जबकि नंदिनी का पढ़ाई की तरफ कम रुझान था।
इसी के चलते वह डिप्रेशन में आ गई थी।

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पुलिस के मुताबिक नंदिनी रक्षाबंधन पर काफी खुश थी। उसने भाई आदित्य को राखी भी बांधी थी। लेकिन अगले ही दिन वह मौत को गले लगा लेगी, इसका परिजनों को जरा भी अंदेशा नहीं था।

अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट का मजमून

आई एम सॉरी मम्मी-पापा। आप दोनों जैसा चाहते थे, मैं वैसा नहीं कर पाई। मैं आपकी अच्छी बेटी नहीं बन पाई। दुख होता है कि मेरे पैरेंट्स ने मेरे लिए इतना किया और मैं उनके लिए कुछ नहीं कर पाई।
मुझे डर लगता है कि मैं मम्मी के सपने पूरे न कर पाई तो क्या होगा? मैंने आप दोनों को बहुत दुखी किया है, अब नहीं करना चाहती।

 

मुझसे अब और नहीं होता है। मैं थक गई हूं अब। यही है टेंपरेरी प्रॉब्लम का परमानेंट सॉल्यूशन। आई एम सॉरी, यह स्टेप लेने के लिए। मैं बड़ी मम्मी, मम्मी, पापा, बड़े पापा, मेरे दोनों भाईयों से बहुत प्यार करती हूं। गुड बॉय।

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