जनवाणी ब्यूरो
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा में परिसीमन बिल के असफल होने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस हार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बेचैनी को उजागर कर दिया है। बनर्जी ने एनडीए सरकार से महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की।
बिल पास नहीं हो पाया
लोकसभा में शुक्रवार को पेश किया गया यह संविधान संशोधन बिल महिलाओं के लिए 2029 से 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या 816 करने का प्रस्ताव था। हालांकि, सदन में बिल पास कराने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत (352 वोट) नहीं मिल सका। वोटिंग में 298 सांसदों ने समर्थन किया, जबकि 230 ने विरोध किया।
केंद्र पर अभिषेक बनर्जी का हमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बिल की हार से भाजपा की घबराहट स्पष्ट हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों को 850 तक बढ़ाकर पक्षपातपूर्ण कदम उठा रही थी।
महिला आरक्षण पर बनर्जी की टिप्पणी
टीएमसी नेता ने कहा कि एनडीए सरकार के पास समय कम है और उसकी सत्ता पर पकड़ कमजोर हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कानून सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पास हो चुका है और 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी है। बनर्जी ने सरकार से तुरंत सीटों को अधिसूचित करने के लिए बिल लाने को कहा और दावा किया कि टीएमसी ने पहले ही संसद में महिलाओं को 41 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व देकर मिसाल कायम की है।
विपक्षी दलों ने भी कहा कि वे महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं, लेकिन इसे विवादित परिसीमन प्रक्रिया से अलग रखा जाना चाहिए। बिल में विधानसभाओं और केंद्र शासित प्रदेशों में सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी था ताकि महिलाओं को आरक्षण दिया जा सके।

