Thursday, October 21, 2021
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प्रशासन ने लोनी में ही रोक दिए किसान, किसानों ने हाइवे को सील करने की चेतावनी दी

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जनवाणी संवाददाता |

खेकड़ा: नए कृषि कानून के विरोध में शनिवार को मंडौला गांव में महापंचायत कर हूंकार भर दी है। किसान अधिकार समन्वय मंच के अधीन चली महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। महापंचायत में किसानों ने दिल्ली-सहारनपुर हाइवे का बार्डर सील करने की घोषणा की, लेकिन प्रशासन ने उन्हें लोनी में ही रोक दिया। जिसपर किसानों ने वहीं पर डेरा जमा लिया।

नए कृषि कानून के विरोध किसान समन्वय मंच के द्वारा शनिवार को किसानों की महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें मंच के अध्यक्ष चुने गए पूर्ण सिंह ने कहा कि चुनावों से गांव गरीब किसान की बात करने वाले सांसद, मंत्री व प्रधानमंत्री चुनावों के बाद जनता को भूल गए। जिन्हें चुनकर धरती पुत्रों ने अपने हितों की सुरक्षा के लिए संसद में भेजा। वहीं आज किसानों के हितों को छलकर व्यापारियों की झोली में डाल रहे है।

पूरे देश का किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहा है, लेकिन जनप्रतिनिधि चादर तानकर सोए हुए है। किसान इनकी नीयत व नीतियों को समझ चुका है। इसलिए यदि केंद्र सरकार संसद में इन किसान विरोधी कानून को वापिस नहीं लेती है तो किसान अगले चुनाव ने किसान विरोधी पार्टियों को सत्ता से दूर करने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत की धरती धरती पुत्र किसानों के नाम से जानी जाती है, लेकिन ये सरकार व्यापारियों के हाथों की कठपुतली है।

वह किसानों को खत्म करने पर आमादा है, लेकिन सरकार कान खोलकर सुन ले यदि किसान विरोधी कानून रद्द नहीं हुए। उन्होंने कहा लोगों के लिए भेजन की व्यवस्था करने वाला किसान खुद भूखा रहकर इस आंदोलन को तब तक जारी रखेगा तब तक किसान विरोधी कानून वापिस नहीं हो जाता या किसानों के प्राण नही निकल जाते है।

 

उन्होंने कहा कि सत्ता धारी पार्टी की सोच किसान विरोधी है। इसलिए उसने किसी भी किसान को संसद में पहुंचने का मौका नहीं दिया। किसान अपने मन की बात उन तक पहुंचा कर रहेंगे। इस अवसर पर गुरमुख सिंह विर्क, पूर्ण सिंह, भारतीय किसान संगठन नरेद्र राणा, महेश कुमार, राकेश चौहान, नीरज त्यागी, नवीन गुप्ता आदि मौजूद रहे।

किसानों ने बांटे फल

किसानों की महापंचायत में शामिल होने के लिए पहुंचे किसानों को आस पास के किसानों ने फलों का वितरण किया।

अधिकारियों से उलझे किसान

दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर दिल्ली बार्डर को सील करने जा रहे किसानों को अधिकारियों ने रोकने का प्रयास किया तो किसान उनसे उलझ गए। किसानों ने कहा कि वह बार्डर सील करने के लिए निकले है। अधिकारी उन्हें रोकने का प्रयास ना करें। जिसके बाद किसान बड़ी पैदल मार्च करते हुए बार्डर की तरफ बढ़ चले।

किसान को लाठी मारे किसान का बेटा

दिल्ली-सहारनपुर हाइवे को जाम करने के लिए जा रहे किसानों को अधिकारियों ने रोकने के लिए पुलिस बल बुला लिया। जिसपर किसान बोले कि किसान का बेटा किसान पर लाठी बरसाए, लेकिन वह रोकने वाले नहीं है। क्योंकि उनकी लड़ाई उस बेटे की जमीन को बचाने के लिए है। उन्हें भी तो पता चले कि नौकरी बचाने के लिए वह धरती को गवाने के लिए तैयार है।

छपरौली से पहुंचे बड़ी संख्या में किसान

किसान संगठनों की महापंचायत व दिल्ली-यमुनोत्री हाइवे को जाम करने में बड़ी संख्या में छपरौली के किसान भी पहुंचे। आंदोलन के चलने तक कि तैयारी करके रजाई गड्ढे, खाने आदि का सामान लेकर पहुंचे थे।

दिल्ली रवाना हुए किसान

चांदीनगर: कृषि कानूनों के बनने के विरोध में पंजाब, हरियाणा व यूपी व अन्य राज्यों के किसानों ने कृषि बिल वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली डेरा जमाये हुये है। उनको समर्थन देने के लिए मन्सुरपुर, लहचौडा, सुभानपुर, ललियाना आदि गांवों के किसान भाकियू नेता धूम सिंह भगतजी के नेतृत्व में ट्रेक्टर ट्राली में भरकर नारेबाजी के साथ किसानों के समर्थन मे दिल्ली के लिये रवाना हो गये।

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