Saturday, December 4, 2021
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निजी अस्पताल और पैथोलॉजी लैब के लिए एडवाइजरी जारी

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  • डेंगू-मलेरिया मरीजों की पुष्टि होने पर सीएमओ आफिस में देना होगा सैंपल

जनवाणी ब्यूरो |

सहारनपुर: स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है, जिसमें निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, निजी पैथोलॉजी और डाइग्नोस्टिक सेंटर को हिदायत दी गई है। कहा गया है कि यहां पर इलाज और जांच के दौरान सावधानियां बरती जाएं। एक तरह से सही जांच करने के निर्देश दिए गये हैं। साथ ही जांच में डेंगू-मलेरिया की पुष्टि होने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय को सूचित करने को कहा गया है। इसमें किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। जांच सेंपल भी वहां पहुंचाने के निर्देश हैं।

इस संबध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजीव मांगलिक ने बताया-निजी अस्पतालों को निर्देश दिये गये हैं कि वेक्टर जनित रोगों से ग्रसित रोगियों का इलाज करने के लिए अलग से बेड की व्यवस्था की जाए और उन्हें मच्छरदानी लगाकर तैयार रखा जाए, ताकि अन्य रोगियों को संक्रमित होने से बचाया जा सके। मलेरिया की पुष्टि रक्त पट्टिका से और डेंगू की पुष्टि एनएस 1 एलाइजा टेस्ट द्वारा ही की जाए। इसके साथ ही किसी भी मरीज में रोग की पुष्टि घोषित किये जाने की दशा में एक अतिरिक्त नमूना दोबारा जांच के लिए मलेरिया विभाग में उपलब्ध कराया जाए।

सीएमओ डा. संजीव मांगलिक ने कहा कि जनपद के सभी केमिस्ट को यह भी निर्देश दिये गये हैं कि बिना विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह के दवा न दी जाए। रिपोर्ट में भ्रम की स्थिति को रोकने के लिए नेशनल वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के निदेर्शानुसार केवल प्रमाणित किटों का ही प्रयोग किया जाए। इसके अलावा साफ निर्देश हैं कि किसी अस्पताल में मलेरिया या डेंगू की पुष्टि होने पर मरीज का पूरा ब्योरा विभाग को उपलब्ध कराया जाए। इसमें लापरवाही बरतने पर एपीडेमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया-वेक्टर बार्न डिजीज को लेकर विभाग गंभीर है। विभाग द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत चालान कर जुमार्ना वसूला जाता है। इसके पहले दो नोटिस जारी किये जाते हैं। इसके बाद भी लार्वा पाया जाता है तो संबधित व्यक्ति के खिलाफ नगर निगम की ओर से जुमार्ना लगाया जाता है। लोगों से अपील की गयी है कि वह अपने घरों और आस-पास सफाई रखें और मच्छर न पनपने दें। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि विभाग द्वारा की गयी चेकिंग के दौरान किसी के घर अथवा संस्थान में मच्छर का लार्वा पाया गया तो चालान कर जुमार्ना वसूला जाएगा।

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