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सावधान! अक्टूबर के महीने में फिर से प्रदूषण के स्तर में होगी बढ़ोतरी

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सावधान! अक्टूबर के महीने में फिर से प्रदूषण के स्तर में होगी बढ़ोतरी
  • शहर में चल रहा इस समय सामान्य प्रदूषण का स्तर

मुसाहिद हुसैन |

मोदीपुरम: सावधान! शहर में अक्टूबर के महीने में फिर से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी होगी। क्योकि अक्टूबर माह से लेकर जनवरी माह तक प्रदूषण के स्तर में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलती है। आने वाले तीन महीने प्रदूषण को लेकर बेहद गंभीर है। देश के 10 प्रदूषित शहरों में मेरठ का नाम पहले ही शामिल है।

मेरठ का प्रदूषित शहरों में दूसरा स्थान है। अगर वर्तमान की स्थिति का आंकलन किया जाए तो इस समय मौसम के कारण प्रदूषण का स्तर सामान्य से भी कम चल रहा है। लेकिन आने वाले महीनों में प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक हो जाएगा।

अगर पिछले तीन से चार वर्ष का अक्टूबर से लेकर जनवरी तक का आंकलन किया जाए तो उससे साफ जाहिर हो रहा है कि मेरठ में प्रदूषण का स्तर 450 से भी पार हो जाता है। जिसके चलते समस्या खड़ी हो जाती है। इस बार प्रदूषण के स्तर को रोकने के लिए प्रदूषण विभाग के अलावा अन्य विभागों के लिए भी चुनौती है। क्योंकि प्रदूषण रोकने के लिए सभी विभागों को मिलकर इस बार काम करना होगा, तभी जाकर प्रदूषण के स्तर पर रोकथाम के प्रयास किए जा सकते है।

क्या करें बचाव

  • जगह-जगह कूड़ा जलने से रोकना होगा
  • टूटी सड़कों पर जो धूल का गुब्बार उड़ता है। उसे सही कराना होगा
  • 15 वर्षों से अधिक पुराने बस, ट्रक, टेम्पो वाहन आदि को बंद करना होगा
  • प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए जिले में सीएनजी और पीएनजी वाहनों का प्रयोग बढ़ाना होगा
  • फैक्ट्रियों से निकलने वाले काले धुंए की लगातार मॉनिटीरिंग करनी होगी
  • कोल्हुओं पर पॉलीथिन का प्रयोग प्रतिबंधित करना होगा
  • किसानों को पराली जलाने से रोकना होगा
  • प्लॉस्टिक और पॉलीथिन का प्रयोग करने से बाजारों में रोकना होगा

हरियाणा और पंजाब से बढ़ता है प्रदूषण

हरियाणा और पंजाब राज्यों में पराली जलाई जाती है। जिसके चलते प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। 60 से लेकर 70 प्रतिशत तक प्रदूषण इन राज्यों में पराली जलने से बढ़ता है। जबकि 30 से लेकर 40 प्रतिशत तक प्रदूषण वाहनों और कूड़ा-करकट होने से बढ़ता है। ऐसे में इस बार प्रदूषण के स्तर को रोकने के लिए कार्य करना होगा।

ये है फिलहाल प्रदूषण की स्थिति

इस समय मेरठ में प्रदूषण का स्तर 88 है। जबकि गंगानगर का 104, जयभीम नगर का 99 और पल्लवपुरम का 111 है। जो फिलहाल ठीक स्थिति में है, लेकिन आने वाले दिनों में यहां की स्थिति गंभीर होने की संभावना है। ऐसे में इस बार प्रदूषण की रोकथाम करना आवश्यक होगा।

क्या कहना है इनका

शहर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए टीम ने अभी से ही काम शुरू कर दिया है। मॉनिटीरिंग की जा रही है। सभी विभागों के साथ मिलकर आने वाले समय में भी प्रदूषण के स्तर को कम किया जाएगा।
                                                                                                 -डा. योगेंद्र कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी

बदलते मौसम से बढ़ रही बीमारी

मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन में चिलचिलाती धूप में गर्मी बढ़ रही है। रात में हल्की सर्दी का एहसास होने लगा है। ऐसे में बीमारी भी बढ़ने लगी है। वायरल और डेंगू की बीमारी शहरों से लेकर देहात क्षेत्रों तक फैलने लगी है। बदलते मौसम को लेकर वैज्ञानिक भी चिंता में डूबे हुए हैं। हालांकि अभी वैज्ञानिक मौसम इसी तरह का रहने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं।

राजकीय मौसम वैधशाला पर सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 81 एवं न्यूनतम आर्द्रता 59 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा का रुख शांत रहा। मौसम वैज्ञानिक डा. एम शमीम अहमद का कहना है कि फिलहाल मौसम का रुख ऐसा ही रहेगा।

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