जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। रोमांच से भरपूर फाइनल में मुकाबला कई बार शूट-ऑफ तक पहुंचा। ईशा ने पहले उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक को शूट-ऑफ में हराकर रजत पदक पक्का किया। इसके बाद स्वर्ण पदक के लिए चीन की जियारुइक्सुआन जियाओ से मुकाबला हुआ, लेकिन निर्णायक शूट-ऑफ में ईशा पिछड़ गईं और उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा।
तीसरे स्थान पर खिसकने के बाद ईशा की शानदार वापसी
फाइनल की शुरुआत ईशा के लिए आसान नहीं रही। एक समय वह तीसरे स्थान पर खिसक गई थीं। हालांकि, दबाव के बीच उन्होंने शानदार वापसी की और पदक की दौड़ में बनी रहीं।
40 शॉट के बाद ईशा और उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक के 34-34 अंक थे। ऐसे में दूसरे और तीसरे स्थान का फैसला करने के लिए शूट-ऑफ का सहारा लिया गया।
पहले शूट-ऑफ में दोनों निशानेबाजों ने पांच में से तीन-तीन सटीक निशाने लगाए। इसके बाद दूसरा शूट-ऑफ हुआ, लेकिन यहां भी दोनों के तीन-तीन सटीक शॉट रहे। मुकाबला तीसरे शूट-ऑफ तक पहुंच गया।
तीसरे शूट-ऑफ में ईशा ने दबाव के बीच बाजी मार ली। उन्होंने पांच में से तीन सटीक निशाने लगाए, जबकि किम ह्योन सुक के दो शॉट ही लक्ष्य पर लगे। इस जीत के साथ ईशा ने कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया, जबकि किम को कांस्य पदक मिला।
गोल्ड के लिए भी शूट-ऑफ, लेकिन चूक गईं ईशा
रजत पदक सुनिश्चित करने के बाद ईशा के सामने चीन की जियारुइक्सुआन जियाओ थीं। दोनों के बीच स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला बेहद करीबी रहा। फाइनल की आखिरी सीरीज के बाद दोनों का स्कोर 38-38 पर बराबर था।
गोल्ड मेडल के लिए शूट-ऑफ कराया गया। पहले शूट-ऑफ में जियाओ और ईशा दोनों ने पांच में से चार-चार सटीक निशाने लगाए। इसके बाद एक और शूट-ऑफ हुआ।
निर्णायक शूट-ऑफ में चीन की जियाओ ने तीन सटीक निशाने लगाए, जबकि ईशा के दो शॉट ही लक्ष्य पर लगे। इसके साथ ही जियाओ ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया और ईशा को रजत पदक मिला।
ईशा के नाम 25 मीटर पिस्टल का विश्व रिकॉर्ड
ईशा सिंह के नाम महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल के व्यक्तिगत फाइनल में विश्व रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने 26 मई 2026 को जर्मनी के म्यूनिख में 43 अंक का स्कोर कर यह रिकॉर्ड बनाया था।
एशियन गेम्स के फाइनल में रजत पदक जीतना ईशा के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। खास तौर पर जिस तरह उन्होंने फाइनल में दबाव के बीच वापसी की, वह उनके प्रदर्शन की खास बात रही।
टीम स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहा था भारत
व्यक्तिगत स्पर्धा से पहले महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में भारत पदक से चूक गया था। मनु भाकर, ईशा सिंह और राही सरनोबत की भारतीय टीम ने प्रिसीजन और रैपिड इवेंट में कुल 1727-56x का स्कोर किया और पांचवें स्थान पर रही। एक महंगी टारगेट मिस के कारण भारतीय टीम पदक की दौड़ से बाहर हो गई थी।
व्यक्तिगत फाइनल में सिर्फ ईशा ने बनाई जगह
महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की ओर से सिर्फ ईशा सिंह ही फाइनल में जगह बना सकीं। क्वालिफिकेशन में ईशा आठवें स्थान पर रहीं।
ईशा और चीनी ताइपे की येन-चिंग चेंग दोनों का स्कोर 580-580 अंक था। हालांकि, ईशा ने 22 इनर-10 लगाए, जबकि चेंग के नाम 20 इनर-10 थे। इसी आधार पर ईशा को आठवां स्थान मिला और उन्होंने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया।
मनु भाकर 11वें और राही सरनोबत 30वें स्थान पर रहीं।
फाइनल में ईशा ने शुरुआत में पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी की, कई शूट-ऑफ का सामना किया और अंततः भारत के लिए रजत पदक जीत लिया। गोल्ड भले ही उनके हाथ नहीं आया, लेकिन दबाव से भरे इस मुकाबले में उनका प्रदर्शन भारतीय निशानेबाजी के लिए बड़ी उपलब्धि बनकर सामने आया।

