- विवाह कार्यक्रम के लिए अलग से अनुमति की जरूरत नहीं: अखिलेश सिंह
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: जिला मजिस्ट्रेट अखिलेश सिंह ने कहा कि जनपद में कोविड-19 के संक्रमण पर प्र•ाावी नियन्त्रण के लिए कफर््यू के दौरान आठ कंपनियों फार्मास्यूटिकल अन्य उद्योगों जैसे दवा, सेनेटाइज बनाने वाले उद्योगों को चलाने की सशर्त अनुमति दी है।
कर्फ्यू अवधि में विवाह कार्यक्रम के लिए अलग से अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। निमंत्रण पत्र ही कर्फ्यू पास का काम करेगा। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए 20 लोगों को अनुमति होगी। प्रतियोगी परीक्षा यथा एनडीए देने वाले छात्रों और परीक्षकों का परिचय पत्र कर्फ्यू पास की भांति कार्य करेगा।
अखिलेश सिंह ने आज यहां यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू अवधि में होने वाले विवाह कार्यक्रमों के लिए अलग से अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि विवाह कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र कर्फ्यू पास की भांति काम करेगा।
उन्होंने कहा कि विवाह कार्यक्रम में प्रतिबंध यह होगा कि खुले स्थानों पर 100 लोग तथा बंद स्थानों पर 50 लोगों को इस शर्त के साथ अनुमति प्रदान की जायेंगी कि कार्यक्रम के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, मॉस्क जरूरी तथा सेनेटाइजर की व्यवस्था की समुचित व्यवस्था कार्यक्रम स्थल पर की जाए। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू अवधि के दौरान अंतिम संस्कार कार्यक्रम में 20 व्यक्तियों को ही प्रतिभाग की अनुमति होंगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने कर्फ्यू के दौरान जिन आठ कंपनियों को कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए संशर्त अनुमति प्रदान की है। उनमें रूहेजा कैमिकल्स, देहरादून रोड, राकेश कैमिकल्स, देहरादून रोड़, मॉ शाकुंभरी देवी ग्रामोद्योग संस्थान, कुम्हारहेडा, स्टार पेपर मिल्स लिमिटेड, आईटीसी लिमिटेड खालसी लाईन, गोयल काबोर्नेट्स कैमिकल्स, यू0एम0आॅटोकाम्प प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली रोड तथा सत्यम कोटस्पिन प्राइवेट लिमिटेड, बेहट रोड सहित फार्मास्यूटिकल, अन्य उद्योगों जैसे दवा, सेनेटाइज बनाने वाले उद्योगों को चलाने की सशर्त अनुमति होगी।
कार्य करने वाले कर्मी मॉस्क, दो गज दूरी का पालन तथा सेनेटाइजर का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि इन कर्मियों के परिचय पत्र कर्फ्यू पास की भांति कार्य करेंगे। अखिलेश सिंह ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए सार्वजनिक यात्री वाहनों विशेषकर राज्य परिवहन निगम की बसों की क्षमता के 50 प्रतिशत व्यक्तियों के साथ परिवहन की अनुमति होगी।
यात्रा के दौरान यात्रियों को मॉस्क लगना तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

