- नोडल अफसर की मौजूदगी के बाद एक्टिव मोड पर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग
- साप्ताहिक अवकाश में खुला ओपन कोविड टेस्ट सेंटर, जांच कराने को लगी रही लोगों की भीड़
- बिना मास्क के बाहर निकलने वालों पर चला पुलिस का चाबुक
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: कोरोना वायरस संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए उठाये जा रहे कदम व व्यव्सथा को परखने के शासन द्वारा नोडल अधिकारी के रूप में भेजे गए नगर विकास सचिव आईएएस डा. इन्द्रमणि त्रिपाठी की मौजूदगी ने जिले के आला हुक्मरान व पुलिस सहित स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को भी बदलकर रख दिया है।
निष्पक्ष छवि व ईमानदार अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले डा. इंद्रमणि त्रिपाठी के कैम्प करने के बाद आज जनपद में ऐसा डर बना हुआ है कि सीएमओ ने कोविड सेंटर की साप्ताहिक छुट्टी को रद्द करते हुए कर्मचारियों को तैनात किया है, वहीं एसएसपी अभिषेक यादव के निर्देश पर तीसरे दिन भी जनपद में बिना मास्क घूमने वालों की चैकिंग में चालान काटते हुए शमन शुल्क वसूला गया।
टीएसआई ने शहर में अभियान चलाया और चालान काटे। इससे लोगों में हड़कम्प मचा नजर आया। नोडल अधिकारी के यहां रहने का डर इस कदर है कि चौराहों पर पुलिस अब हेलमेट के बजाये मास्क पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
गौरतलब है कि जनपद में कोविड-19 वायरस के संक्रमण के प्रभाव को देखते हुए शासन की मंशानुरूप व्यवस्था कराकर गाडलाईन का पालन कराने के लिए की गई व्यवस्था जांचने के लिए यहां पर अपने सात दिवसीय दौरे पर नोडल अधिकारी के रूप में आये विशेष सचिव नगर विकास विभाग डा. इन्द्रमणि त्रिपाठी की मौजूदगी से प्रशासनिक स्तर पर काफी हलचल नजर आ रही है।

डा. इन्द्रमणि त्रिपाठी की जांच में ही यह खुलासा हुआ कि होम आइसोलेट किये गये कोरोना पाजिटिव लोगों के इलाज और सुविधा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। इसके बाद प्रशासन से लेकर पालिका प्रशासन में भी हड़कम्प नजर आ रहा है।
नोडल अफसर की जिले में मौजूदगी ने प्रशासन और पुलिस के कामकाज का तरीका ही बदल दिया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग भी एक्टिव हो गया है। यहां पर सुबह और शाम दो शिफ्ट में पूरे सप्ताह कोरोना संक्रमितो के टेस्ट किये जा रहे थे। करीब नौ दिन पूर्व सीएमओ डा. प्रवीण कुमार चोपडा ने महावीर चौक कोविड टेस्ट सेंटर को मंगलवार की साप्ताहिक बंदी के दौरान बन्द रखने और इस दिन सेंटर को सैनिटाइज कराने के लिए आदेश जारी किया।
इसके चलते बीते मंगलवार को यह टेस्ट सेंटर बन्द रखा गया था। इसके साथ ही जिलाधिकारी कार्यालय पर भी कोविड टेस्ट के लिए टीम मनमाने तरीके से भेजी और रोकी जाती रही थी।
इसी बीच शनिवार को जब नोडल अधिकारी डा. इन्द्रमणि त्रिपाठी मुजफ्फरनगर मुख्यालय पर आये तोे प्रशासनिक स्तर पर चल रही इस मनमानी व्यवस्था पर अंकुश लगा है। आज मंगलवार को महावीर चौक का कोविड टेस्ट सेंटर छुट्टी के दिन भी पूर्व की भांति सक्रिय नजर आया। यहां पर कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि उनको मंगलवार की छुट्टी रद्द होने की सूचना सीएमओ कार्यालय से दी गयी और उनको यहां पर टेस्ट प्रक्रिया जारी रखने के लिए भेज दिया गया।
इस संबंध में जब सीएमओ डा. प्रवीण कुमार चोपडा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जनपद में नोडल अधिकारी आये हुए हैं। उनकी मौजूदगी के कारण ही महावीर चौक के कोविड टेस्ट सेंटर की मंगलवार की छुट्टी आज रद्द कर दी गई। इसके बाद पुन: मंगलवार की छुट्टी की व्यवस्था को लागू किया जायेगा।
सीएमओ की इस बात से यह स्पष्ट है कि नोडल अधिकारी की मौजूदगी के भय से ही प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को बदलना पड़ रहा है ताकि नोडल अधिकारी को जनपद में सब कुछ ठीक है, का अनुभव कराया जा सके।
नोडल अधिकारी की मौजूदगी के डर की दूसरी तस्वीर जनपद में बिना मास्क के लोगों के खिलाफ चल रही चैकिंग के रूप में सामने आती है।
आज तीसरे दिन भी एसएसपी अभिषेक यादव के निर्देशन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में बिना मास्क के बाहर घूमने वाले लोगों के खिलाफ अभियान में चालान काटकर जुमार्ना वसूला गया है। नोडल अधिकारी इन्द्रमणि त्रिपाठी के यहां मौजूद रहने का डर इसी बात से समझा जा सकता है कि पुलिस चैकिंग में अब पुलिस कर्मचारी वाहन चालकों के सिर पर हेलमेट देखना भले ही भूल जाये, लेकिन मुंह पर मास्क देखने में कोई भी कोताही नहीं बरत रहे हैं।
शहर में टीएसआई वीर अभिमन्यु गंगवार ने जिला अस्पताल चौराहे पर चैकिंग अभियान चलाया। उन्होंने इस अभियान के दौरान 15 लोगों को बिना मास्क के शहर में घूमते हुए पकड़ा और उनके खिलाफ एपिडेपिक एक्ट के अंतर्गत जुमार्ने की कार्यवाही करते हुए 1900 रुपये का शमन शुल्क भी वसूला।
बता दें कि शनिवार को नोडल अधिकारी इन्द्रमणि त्रिपाठी द्वारा बिना मास्क घूमते लोगों पर कार्यवाही के आदेश जारी किये गये तो रविवार से पुलिस ने जनपद में बिना मास्क वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया, जो सोमवार के बाद मंगलवार कोे भी जारी है।
रविवार और सोमवार के दो दिन के अभियान में पुलिस ने जनपद में 2761 ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गयी, जो बिना मास्क के बाहर निकले थे। इन लोगों से दो दिनों में थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस द्वारा 03 लाख 02 हजार 900 रुपये शमन शुल्क वसूला जा चुका है।

