- अंतिम यात्रा में हरियाणा-यूपी की कई खापों के चौधरी हुए शामिल
- थांबेदारों ने गठवाला खाप चौधरी को अपनी पुष्पांजलि अर्पित की
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: शामली और मुजफ्फरनगर जनपद प्रमुख गठवाला खाप के मुखिया बाबा हरिकिशन मलिक को ढोल-नगाडेÞ और रणसिंधों की गूंज के बीच अंतिम विदाई दी गई। खाप चौधरी की अंतिम यात्रा में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई खाप चौधरी समेत हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।
गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक का 94 साल की उम्र में बुधवार को बीमारी के चलते निधन हो गया था। बाबा के निधन से गठवाला खाप के साथ-साथ अन्य खापों के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई थी। बृहस्पतिवार को बाबा हरिकिशन मलिक का अंतिम संस्कार किया गया। शव यात्रा प्रात: करीब दस बजे खाप मुखिया के पैतृक गांव लिसाढ़ स्थित आवास से प्रारंभ हुई।

इससे पूर्व गठवाला खाप के थांबेदारों बहावड़ी से बाबा श्याम सिंह, लांक से बाबा रविंद्र सिंह, सोहंजनी से बाबा रविंद्र, खरड़ से बाबा वीरसेन मलिक, पुरा महादेव से बाबा आजाद मलिक ने अपने मुखिया को अंतिम नमन करते पुष्पांजलि अर्पित की।
फिर, किसान आंदोलनों की शान कहे जाने वाले ढोल-नगाड़ों और रणसिंधों की गूंज के बीच बाबा हरिकिशन मलिक की शवयात्रा प्रारंभ हुई। गांव लिसाढ़ के श्मशान पर पहुंचकर शवयात्रा संपन्न हुई। यहां गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक की चिता को उनके ज्येष्ठ पुत्र राजेंद्र मलिक ने मुखाग्नि दी। इसके साथ किसानों के हित की लड़ाई लड़ने वाला एक सच्चा सिपाही हमेशा के लिए पंचतत्व में विलीन हो गया।
बाबा हरिकिशन मलिक की अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में ग्रामीणों के अलावा हरियाणा की गठवाला खाप के चौधरी बाबा बलजीत सिंह मलिक के अलावा बालियान खाप के चौधरी तथा भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत, बत्तीसा खाप के चौधरी बाबा सूरजमल, कालखंडे खाप के चौधरी बाबा संजय कालखंडे समेत कई खापों के चौधरी शामिल हुए।

