जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: आज भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं के साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के नलकूपों पर मीटर, ट्रैक्टर-ट्राली पर सवारी के प्रतिबंध और जुर्माना लगाने तथा बकाया गन्ना मूल्य का मय ब्याज भुगतान दिलाने सहित 10 मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और सीएम योगी को ज्ञापन भेजकर इस साल शुरू हो रही गन्ना पेराई सत्र में गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति कुन्तल करने की मांग की है। इस प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट में पुलिस और प्रशासन सतर्क नजर आये। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा के नेतृत्व में सोमवार को यूनियन कार्यकर्ताओं ने शीर्ष नेतृत्व के आदेशों के अनुसार फुल ड्रेस कोड में कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया।
आज सवेरे यूनियन के कार्यकर्ता हरा गमछा, हरी टोपी और बिल्ला लेकर महावीर चैक स्थित जिला कार्यालय पर एकत्र हुए और यहां से संगठन का झण्डा लहराते हुए नारेबाजी कर जुलूस के रूप में डीएम कार्यालय पर पहुंचे। यहां जब यूनियन कार्यकर्ता प्रदर्शन करने के लिए आये तो उस समय डीएम चंद्रभूषण सिंह अपने कार्यालय में जन समस्याओं की सुनवाई कर रहे थे। यूनियन जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि आज प्रदेश का किसान सरकार की उलट नीतियों के कारण तबाह हो रहा है। किसानों को उसकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है और सीएम योगी अपना ही वादा पूरा नहीं कर पाये और बिना गन्ना भुगतान किए प्रदेश में पेराई सत्र शुरू हो चुका है, जिले में भी शुगर मिल चलने लगी हैं। इस अवसर पर उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम 10 सूत्री मांग पत्र एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविन्द कुमार मिश्रा को सौंपा। इसमें यूनियन जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाकियू पिछले 36 सालों से देश-दुनिया के खेती किसानी के मुद्दों पर आन्दोलन करती आ रही है। उत्तर प्रदेश में विकास की धुरी कृषि ही साबित हुई है और यह किसी भी कृषि प्रधान देश और प्रदेश के लिए गर्व की बात होती है, लेकिन मौजूदा समय में खेती किसान के लिए घाटे का सौदा साबित होती जा रही है। खेती में आय बढ़ने की बजाय खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।
जिसे वहन करने की क्षमता अब किसान की नहीं रही। परिवार के पालन-पोषण से लेकर बच्चों की शिक्षा पर इसका बुरा असर पड़ा है। सरकारों के द्वारा सही सरकारी नीतियों को लागू न कर पाने से वह खुद को असहज महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज किसान के हित की नीतियों को धरातल पर लाकर कार्यान्वित कराने की आवश्यकता है। यूनियन द्वारा सीएम योगी से मांग करते हुए कहा गया है कि शुगर अमेंडमेंट एक्ट में गन्ने का भुगतान करने का प्रावधान 14 दिन में है और साथ-साथ किसानों के गन्ना भुगतान को डिजिटल माध्यम से जोड़ा जाए। प्रदेश की कई चीनी मिलों पर किसानों का आज भी करोड़ों रूपया बकाया है और पेराई सत्र शुरू होने लगा है। प्रदेश की सभी चीनी मिल पेराई सत्र शुरू होने से पहले पूर्ण भुगतान करें। यूनियन ने गन्ने की खेती पर बढ़ते हुए खर्च को देखते हुए प्रदेश के किसान को 450 रूपये प्रति कुन्तल गन्ने का मूल्य देने की आवाज उठाई है।
इसके साथ ही कहा कि धान की खरीद सरकार सुचारू रूप से करने के साथ ही किसानों को पराली जलाने से रोके जाने पर पराली कम्पोस्ट की उचित व्यवस्था करने का काम भी सरकारी स्तर पर किया जाये। भाकियू ने किसानों के खेत में खड़ी फसल को आवारा पशुओं से बचाने के लिए लगाये जाने वाले कंटीले तारों के प्रतिबंध के आदेश को पूर्णतः रद्द करने और छुट्टा पशुओं की समस्या से दिलाने, ट्रैक्टर ट्राली में सवारियों को ढोने पर प्रतिबंध और इसके लिए 10 हजार रुपये के जुर्माने की व्यवस्था को हटाने, किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली देने का वायदा पूरा करने, अतिवृष्टि में किसानों को हुई फसलों की क्षति का मुआवजा अविलम्ब दिलाने, पर्यावरण, भूमि और मानव जीवन के लिए नुकसान देने वाली जीएम सरसों की खेती पर प्रदेश और देश में प्रतिबंध लगाने, रबी फसलों की बुवाई से पहले किसानों को उर्वरक और बीज लेने में हो रही परेशानी को दूर कर सुलभ व्यवस्था बनाने, लम्पी वायरस के प्रभाव के कारण पशुपालकों के मरे पशुओं की जांच कराकर उनको उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी सीएम योगी से की गयी है।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदेश सचिव चांदवीर फौजी, युवा मण्डल अध्यक्ष सहारनपुर विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा, जिलाध्यक्ष महिला विंग सोनिया सैनी, नगराध्यक्ष राव गुलबहार, ब्लॉक अध्यक्ष सदर देव अहलावत, जोगेन्द्र सिंह, संजीव राठी, सतेन्द्र सिंह चैहान सहित सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाकियू के इस प्रदर्शन को देखते हुए आज कलेक्ट्रेट में पुलिस प्रशासन सक्रिय रहा। नगर मजिस्ट्रेट अनूप कुमार पुलिस फोर्स के साथ डीएम कार्यालय पर तैनात रहे।

