- उप्र. वक्फ ट्रिब्यूनल लखनऊ ने दिया यथा स्थिति बनाये रखने के आदेश
- वक्फ नवाब अजमत अली खां ने दिया था लीज समाप्त होने के बाद भूमि वापिस करने का नोटिस
- अंजुमन-ए-इस्लामियां के पास से वक्फ की 500 करोड़ की भूमि, भूमि पर बने हैं कई होटल
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: वक्फ नवाब अजमत अली खां की 500 करोड़ की भूमि पर काबिज अंजुमन इस्लामियां को वक्फ द्वारा भूमि खाली कराये जाने के नोटिस के मामले में बड़ी राहत मिली है। अंजुमन इस्लामिया के उप्र. वक्फ ट्रिब्यूनल लखनऊ का दरवाजा खटखटाये जाने के बाद उप्र. वक्फ ट्रिब्यूनल ने इस भूमि पर यथा स्थिति बनाये जाने के निर्देश दिये हैं। बता दें कि यह भूमि अंजुमन इस्लामियां के पास 99 वर्ष की लीज पर थी, जो अब समाप्त हो गयी है।
बता दें कि अंजुमन इस्लामिया को वक्फ नवाब अजमत अली खां की और से 5 अक्टूबर 1923 को मुस्लिम स्कूल और बोर्डिंग आदि चलाने के लिए सैंकड़ो करोड़ की भूमि 99 साल के पट्टे पर आवंटित की गई थी, जिसकी मियाद 5 अक्टूबर 2022 को समाप्त हो गई। इससे पहले ही वक्फ नवाब अजमत अली खां की और से अंजुमन इस्लामिया को नोटिस जारी कर लीज खत्म होने का हवाला देते हुए भूमि हस्तगत करने को कहा गया था। तर्क दिया था कि अंजुमन इस्लामिया ने लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए शिक्षा के लिए दी गई भूमि का उपयोग उस पर दुकानों का निर्माण कराकर व्यवसायिक रूप से उनका प्रयोग कर किया।
बता दें कि इस्लामिया इंटर और डिग्री कॉलेज सहित लीज पर ली गई 10 बीघा से अधिक जमीन पर अंजुमन इस्लामिया के संचालन में 67 दुकानें भी आती हैं। मार्केट में पांच अरब से अधिक कीमत वाली उक्त जमीन और अन्य बिल्डिंग का किराया मात्र 80 रुपए सालाना तय है। 5 अक्टूबर 2022 को अंजुमन इस्लामिया को लीज पर दी गई जमीन की 99 साल की मियाद पूरी हो गई। इससे पहले ही अंजुमन इस्लामिया के सचिव सईद अनवर सिद्दीकी ने वक्फ नवाब अजमत अली खां के सेक्रेटरी और पूर्व सांसद अमीर आलम खां के नाम पत्र लिखकर लीज की मियाद बढ़वाने का अनुरोध किया था। पत्र में लीज डीड में तय शर्त का हवाला देते हुए बताया गया था कि जमीन पर मुस्लिम स्कूल बदस्तूर कायम हैं। अंजुमन इस्लामिया की ओर से लिखे गए पत्र में लीज की मियाद 30 वर्ष और बढ़ाने का अनुरोध किया गया था।
अंजुमन इस्लामिया के सचिव सईद अनवर सिद्दीकी ने बताया कि वक्फ नवाब अजमत अली खां की और से नोटिस मिलने के बाद उन्होंने अंजुमन की और से उप्र. वक्फ ट्रिब्यूनल लखनऊ में प्रार्थना पत्र देकर लीज का समय 30 साल बढवाने गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया कि ट्रिब्यूनल ने उनकी अर्जी पर सुनवाई करते हुए फिलहाल दोनों पक्ष को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया है।

