जनवाणी संवाददाता |
रामपुर मनिहारान: पूर्व विधायक इमरान मसूद ने कहा कि भाजपा नफ़रत और तोड़ने की राजनीति करती है जबकि हम प्रेम एकता व भाईचारे की नीति पर काम करते हैं।
बीती रात ईदगाह रोड स्थित कोहिनूर पैलेस में सपा नेता आफताब लाला के सौजन्य से मन्दिर मस्जिदों के इमामों व पुजारियों को सम्मानित करने के लिए एक सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे वरिष्ठ सपा नेता पूर्व विधायक इमरान मसूद का भव्य स्वागत किया गया। नगर पंचायत चेयरमैन पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे सपा नेता आफताब लाला ने मंच से बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि 12 हज़ार रुपये सालाना मंदिर,मस्जिद,गुरुद्वारा आदि के इमामो व पुजारियों को अपने पास से देंगे,सौ लड़कियों की शादी कराएंगे,चुनाव से पहले नगर को एक एंबुलेंस भेंट की जाएगी,विधवा महिलाओं का हाउस टैक्स स्वयं देंगे।
आफ़ताब लाला ने कहा कि इमरान मसूद जिसे चाहें चुनाव लड़ाएं मगर मैं अपने वादे पूरे करूँगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सपा नेता इमरान मसूद ने मंच से बोलते हुए कहा कि नगर निकाय चुनाव के टिकट को लेकर गुप्त सर्वे कराया जाएगा।जिसके पक्ष में जनता की राय होगी वही प्रत्याशी होगा। नेताजी की इस बात से सपा के सिंबल पर नगर निकाय चुनाव में खुद का टिकट फाइनल बताने वालों की नींद उड़ गई।इस बयान से सपा के सिंबल पर नगर निकाय चुनाव लड़कर चेयरमैन की कुर्सी पर बैठने का सपना देखने वालों को इमरान मसूद ने जोर का झटका धीरे से देने का काम किया।
इमाम और पुजारियों के सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान इमामो व पुजारियों को मंच पर बुलाकर नोटों की माला डाली जाने लगी जिसे देख इमरान मसूद आक्रोशित हो उठे और नोटों की माला डालने से इंकार करते हुए बोले इसे राजनीति का अखाड़ा मत बनाओ इसके बाद उन्होंने सभी से कार्यक्रम संयोजक की ओर से माफी मांगी। और सभी से नगर निकाय चुनाव में अपने प्रत्याशी को एकजुट होकर वोट दिलाने की अपील की।
कार्यक्रम को इमरान प्रमुख,चेयरपर्सन प्रतिनिधि विवेककान्त सिंह,काजी तबस्सुम नदीम, व्यापार संघ अध्यक्ष कुलदीप गोयल,काजी नदीमुल हक़,शाहान अहमद आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन नसीम आज़ाद ने किया। इस दौरान सपा नेता काजी अब्दुल बासित,नदीम अहमद,बहादुर अहमद, हामिद मियाँ, मुदस्सिर अहमद, महताब सलमानी,इनाम उर्फ सादी,राशिद मलिक,परवेश चकवाली आदि सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

