- राष्ट्रदेव के प्रबंध संपादक नारद जयंती में रहे मुख्य वक्ता
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: राष्ट्रदेव के प्रबंध संपादक सुरेंद्र ने कहा कि बॉलीवुड द्वारा नारद जी का जो चरित्र चित्रण किया गया वो बड़ा ही दुखदायी है। उन्हें एक चुगलीखोर एवं मजाकिया व्यक्ति के रूप में पेश किया गया जबकि नारद जी अपने आप में स•ाी ग्रंथों के ज्ञाता एवं असीमित विवेक के स्वामी थे।
रविवार को नगर स्थित बाबा बनखंडी महादेव मंदिर परिसर बैंक्वेट हॉल में विश्व संवाद केंद्र, शामली के तत्वावधान में नारद जयंती का मनाई गई। वरिष्ठ पत्रकार दिनेश भारद्वाज ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्य वक्ता मेरठ से पधारे राष्टÑदेव के प्रबंध संपादक सुरेंद्र रहे।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता ने नारद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नारद कोई व्यक्ति विशेष का नाम नहीं बल्कि एक उपाधि है जिस प्रकार वेद व्यास के बाद आज तक भागवत कथा सुनाने वाले को व्यास और उनके बैठने के स्थान को व्यास गद्दी कहा जाता है, उसी प्रकार किसी कालखंड में सटीक सूचना समाचार को पहुंचाने वाले नारद जी की उपाधि के वाहक है।
उन्होंने कहा कि बॉलीवुड द्वारा नारद जी का जो चरित्र चित्रण किया गया वो बड़ा ही दुखदायी है। उन्हें एक चुगलीखोर एवं मजाकिया व्यक्ति के रूप में पेश किया गया जबकि नारद जी अपने आप में सभी ग्रन्थों के ज्ञाता एवं असीमित विवेक के स्वामी थे। आज उन्हें उसी रूप में देखने का संदेश समाज को दिया गया। मंच संचालन आलोक गर्ग ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से विनोद शर्मा, अमन गर्ग, रजत वर्मा, अभिषेक सिंघल, मंयक गोयल, अतुल मित्तल, आलोक चौहान, संदीप कश्यप, शुभम सिंघल, कुंवरवीर आदि उपस्थित रहे।

