- एमएलसी के लेटर पैड पर मिली 10 दिन की मोहल्लत
- विधान परिषद समिति की ओर से दिये गये ध्वस्तीकरण के निर्देश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आवास विकास परिषद की शास्त्रीनगर योजना में सैकड़ों की संख्या में आवासीय में कमर्शियल निर्माण चल रहे हैं, लेकिन आवास विकास के अधिकारी मात्र दो ही निर्माणों को पीछे पड़े हैं। मंगलवार को एक बार फिर आवास विकास की टीम यहां केसर स्वीट्स और बॉक्सी पार्क में ध्वस्तीकरण को पहुंची, लेकिन यहां फिर एक बार एमएलसी के लेटर पैड के आधार पर 10 दिन का समय निर्माणकर्ताओं को यहां से समान हटाने का दिया गया है।
जबकि आवास विकास जिन दो निर्माणों पर कार्रवाई के लिये उत्सुक है। वहां अधिक संख्या में निर्माण नहीं है। जबकि क्षेत्र में ही कई बड़े निर्माण खुलेआम बन रहे हैं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यह हम नहीं क्षेत्र के व्यापारी ही आरोप लगा रहे हैं।
बता दें कि शास्त्रीनगर सेक्टर-एक में बॉक्सी पार्क और केसर स्वीट्स दो निर्माण आवासीय प्लॉटों पर हैं और यहां कमर्शियल कार्य चल रहा है। इसकी शिकायत विधान परिषद समिति के पास लखनऊ पहुंची थी। जहां से आवास विकास को कार्रवाई के आदेश दिये गये थे। बीते दिनों एसीएम और आवास विकास परिषद के एसी समेत पूरी टीम यहां पहुंची थी।
जिसके बाद यहां व्यापारियों ने हंगामा किया था और खुद ही यहां से सामान हटाने के लिये एक सप्ताह का समय मांगा था। अब एक सप्ताह का समय पूरा हो गया। इसके बाद एक बार फिर विधान परिषद की अंकुश समिति की ओर से इन निर्माणों के ध्वस्तीकरण के आदेश आवास विकास को दिये गये और इसकी रिपोर्ट एक दिन में देने को कहा। जिसके बाद फिर से आवास विकास के एससी राजीव कुमार, साथ में एसीएम, एक्सईएन एमबी कौशिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन यहां व्यापारियों ने फिर एक बार हंगामा खड़ा कर दिया।
व्यापारियों ने यहां आवास विकास की टीम को एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज के लेटर पैड पर एक पत्र दिया जिसमें व्यापारियों की ओर से 10 दिन का समय मांगा गया कि वह खुद ही यहां से सामान हटा लेंगे। जिसमें काफी नोकझोंक के बाद एसीएम ने व्यापारियों को 10 दिन का समय दिया और यहां से टीम वापस लौट आई।
सैकड़ों अवैध निर्माण, दो के पीछे पड़े अधिकारी
आवास विकास कार्यालय में पहुंचे सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष किशोर वाधवा ने बताया कि आवास विकास की शास्त्रीनगर की ही बात करें तो यहां सैकड़ों की संख्या में बड़े निर्माण हैं जो अवैध रूप से आवासीय में कमर्शियल बनाये गये हैं लेकिन आवास विकास की ओर से बार बार सिर्फ इन दो निर्माणों को ही टारगेट बनाया जा रहा है। जबकि यहां इन निर्माणों पर कोई पक्का निर्माण तक नहीं है।
क्षेत्र के सेक्टर-दो की पुलिस चौकी के पास ही चौराहे पर एक बड़ा कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन आवास विकास के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। डी-1 में सैकड़ों नोटिस जा चुके हैं, बावजूद इसके यहां अवैध रूप से प्रतिष्ठान चल रहा है और कोई रोकने वाला नहीं है। व्यापारियों ने कहा कि अगर यही हाल रहा है तो वह बर्दाश्त नहीं करेंगे।

