- कोरोना वैक्सीन के कारण आर्थिक गतिविधियों में रफ्तार बढ़ेगी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जब से कोरोना के वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू हुई तभी से सोने और चांदी के दामों में गिरावट आनी शुरु हुई। एक सप्ताह में सोना आठ सौ रुपये से लेकर छह सौ रुपये प्रति दस ग्राम कम हुआ है। नये साल से सोने और चांदी के दामों में स्थिरता देखने को नहीं मिली। शनिवार को जब दाम बंद हुए तब 22 कैरेट का सोना 48310 प्रति 10 ग्राम, 24 कैरेट का 51500 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 65 हजार रुपये प्रति किलो पर बंद हुई।
वैक्सीनेशन की तैयारियों के साथ ही गोल्ड और सिल्वर के दाम में गिरावट आने लगी है। 16 जनवरी से देश में कोरोना संक्रमण के खिलाफ टीकाकरण शुरू हो गया। इससे देश में आर्थिक गतिविधियों में रफ्तार आने की उम्मीद है। लिहाजा निवेशक अब शेयर जैसे ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं और गोल्ड से निकल रहे हैं। यही वजह है कि गोल्ड और सिल्वर के दाम में कमी आ रही है।
कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन के मोर्चे पर सकारात्मक खबरों से सोने की कीमतों में गिरावट आ रही है। सराफ सर्वेश सर्राफ का मानना है कि ग्लोबल इकनॉमी में सुधार और अमेरिका-चीन के बीच तनाव कम होने से निवेशक सोने को छोड़कर शेयर बाजार का रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतों में भारी उछाल की संभावना नहीं है।
हालांकि, लंबी अवधि के लिए सोना अभी भी निवेश का अच्छा विकल्प माना जा रहा है। भारत में सोने की कीमत ग्लोबल ट्रेंडस से प्रभावित होती हैं। स्ट्रेन वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण ग्लोबल इकनॉमिक रिकवरी के लिए मुश्किल हो गई है। इसके अलावा दुनिया भर में कम ब्याज दरों और यूएस डॉलर में कमजोरी सोने के लिए सकारात्मक हो सकती है।
अभी गोल्ड स्पॉट 1900 डॉलर प्रति औंस के आसपास है। इस साल यह 1980 डॉलर और फिर 2050 डॉलर तक जा सकती है। रियल एस्टेट की तुलना में सोने ने काफी अधिक रिटर्न दिया है। रियल एस्टेट की कीमतों में पिछले कुछ समय से ठहराव आ गया है। पिछला साल सोने के लिए बहुत ही शानदार साबित हुआ है। बीते साल सोने की कीमत करीब 28 फीसदी तक बढ़ी।
अगस्त के महीने में तो सोने-चांदी ने एक नया रेकॉर्ड ही बना दिया था और अपना आॅल टाइम हाई का स्तर छू लिया था। ऐसा नहीं है कि सिर्फ भारत में ही सोने की कीमत बढ़ी। वैश्विक बाजार में भी सोना करीब 23 फीसदी महंगा हुआ। इससे पहले 2019 में भी सोने के दाम में बढ़ोतरी की दर डबल डिजिट में थी। इस वक्त सराफा बाजार सोना और चांदी के दामों के गिरने के बाद भी खाली पड़ा हुआ है। सराफ विजय रस्तोगी का मानना है कि वही लोग बाजार में आ रहे हैं जो सोने में इनवेस्ट करना चाहते हैं।

