- दोनों पक्षों के छह-छह लोग नामजद, रिपोर्ट दर्ज, नगर में तनावपूर्ण शांति
जनवाणी संवाददाता |
बहसूमा: पुलिस ने बहसूमा के चेयरमैन को गिरफ्तार किया हैं। आरोप है कि चेयरमैन ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की तथा थाना परिसर में बवाल काटा। मवाना में चेयरमैन विनोद को तब गिरफ्तार किया, जब वह अपने साथियों के साथ तहसील में किसी कार्य से आये थे।
वहीं, इदरीश सैफी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं। इन दोनों के बीच ही वोट कटवाने और जुड़वाने को लेकर बवाल हुआ था। उधर, चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद जनता नहीं भड़क जाए, इसको दृष्टिगत रखते हुए कस्बे में पीएसी भी लगा दी हैं। पीएसी गश्त कर रही हैं।
बता दे कि मंगलवार को नगर पंचायत कार्यालय में बीएलओ एवं पटवारी की मौजूदगी में वर्तमान चेयरमैन विनोद चाहल एवं प्रत्याशी के पति इदरीश सैफी के बीच वोट कटवाने के नाम पर कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। जिसमें पुलिस ने नगर पंचायत कार्यालय में पहुंचकर मामले को शांत करते हुए दोनों पक्षों को थाना बुला लिया था, जिसमें दोनों पक्ष थाना पहुंच गए, लेकिन थाना परिसर में दोनों के बीच जमकर मारपीट के बाद बवाल हो गया था।

मारपीट की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक महावीर सिंह ने सीओ आशीष शर्मा को पूरे मामले की जानकारी दी। क्षेत्राधिकारी आशीष शर्मा मौके पर पहुंच गए थे। तभी फलावदा, हस्तिनापुर, मवाना, परीक्षितगढ़ थाना पुलिस पहुंच गई, जिसमें पुलिस ने थाना के सामने लगी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी फटकारी थी। उसके बाद पुलिस ने मामले को शांत करने के लिए दोनों संभावित प्रत्याशियों के समर्थकों को समझा-बुझाकर घर भेज दिया था।
इसी मामले में थाना पुलिस ने चेयरमैन विनोद चाहल के पक्ष से सुमित पुत्र जयसिंह, सचिन पुत्र राजवीर, मयंक पुत्र सुभाष, शेखू पुत्र पवन, काली पुत्र सतबीर तथा इदरीश पक्ष से प्रभात एवं पुष्पेंद्र पुत्र गण नरेश कुमार, अरुण पुत्र अंगूरचंद, बिलाल पुत्र इदरीश, अनीस पुत्र यामीन को नाम दर्ज एवं 40 से 50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने वर्तमान चेयरमैन विनोद चाहल व दूसरे पक्ष से इदरीश सैफी को गिरफ्तार कर लिया है।
थाना प्रभारी निरीक्षक महावीर सिंह ने बताया कि फरार हुए अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा, जिनकी तलाश की जा रही हैं। उधर, पुलिस व पीएसी के जवान कस्बे में गश्त कर रहे हैं। पुलिस अलर्ट मोड में हैं। पुलिस के साथ एक प्लाटून पीएसी के जवान गली-मोहल्लों में शांति व्यवस्था बनाने के लिए गश्त कर रहे हैं।
भाजपा नेता से हुई मारपीट राज्यमंत्री के आदेश रद्दी में
मेरठ: ब्रह्मपुरी पुलिस का एक कारनामा प्रकाश में आया है। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में गत दिनों भाजपा नेता के साथ मारपीट कर लूटपाट की गई। थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय आरोपियों से साठगांठ कर नेता जी पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया। इतना ही नहीं राज्यमंत्री ने पुलिस प्रमुख को कार्रवाई के लिए एक लैटर लिखा, लेकिन पुलिस ने मंत्री के आदेश को भी हवा में उड़ाते हुए उसे रद्दी की टोकरी में डाल दिया। पीड़ित भाजपा नेता ने एसएसपी के यहां शिकायत की है।
समर गार्डन रोड 25 फुु टा रोड निवासी आसिफ खान भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर वार्ड-75 में महानगर मंत्री है। वह गत 14 अक्टूबर को तीन बजकर 20 मिनट पर तारापुरी क्षेत्र रामलीला ग्राउंड बिजलीघर में काम करने जा रहा थे। करीब तीन बजकर 20 मिनट पर शातिर वाहन चोर इंतजार उर्फ टाइगर व रिजवान पुत्र आस मौहम्मद, साहिब पुत्र इंतजार निवासीगण शकूरनगर कुट्टी वाली गली तारापुरी लिसाड़ी रोड व अन्य पांच अज्ञात ने तमंचे के बल पर रोक लिया।
उपरोक्त ने उसके साथ मारपीट की और स्कूटी में रखे पांच हजार रुपये एटीएम, डीएल और स्कूटी छीन ली। जव बह रिपोर्ट दर्ज कराने गया तो ब्रह्मपुरी पुलिस ने उसकी एफआईआर नहीं दर्ज की। भाजपा नेता का आरोप है कि ब्रह्मपुरी पुलिस ने उल्टा उस पर उपरोक्त लोगों से रुपये लेकर 15 अक्टूबर को एक फर्जी मुकदमा धारा 323, 504, 506 में दर्ज करा दिया। पुलिस ने जिस समय यह घटना दिखाई है कि उस समय वह डीएम कार्यालय पर शिकायत लेकर पहुंचा था।
पुलिस ने 12 बजे की घटना मारपीट में दिखाई है। जबकि वह जिलाधिकारी कार्यालय में 11 बजकर 30 मिनट से लेकर डेढ़ बजे तक उपस्थित था। वहां पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। भाजपा नेता के साथ हुई मारपीट की घटना में राज्यमंत्री अजीत पाल सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी मारपीट में कार्रवाई के लिखा है, लेकिन बावजूद इसके पुलिस ने उल्टा भाजपा नेता पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया। एसएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।

