- सात लाख से ज्यादा की वसूली को चार लोगों को नोटिस
- क्रशर यूनियन के अध्यक्ष ने भी दिया था पांच लाख जुर्माने का प्रस्ताव
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: कृषि पट्टों की आड़ में अवैध रेत खनन का मामला अब जगजाहिर हो चुका है। साथ ही यह भी बात सामने आचुकी है कि बिना प्रपत्रों के खनिज का बड़े पैमाने पर अवैध परिवहन हो रहा है। यही नहीं, खनन को लेकर दो गुटों में टकराव की भी आशंका बनी हुई है। अगर प्रशासन ने सख्ती नहीं की तो तय मानिए यमुना खादर में खनन को लेकर खून-खराबा भी हो सकता है। बहरहाल, बुधवार को भी अवैध रूप से खनिज परिवहन कर रहे आठ वाहनों को पकड़ा गया है। खनन माफिया में खलबली जरूर है पर वह प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए मनमानी कर रहे हैं। हालांकि, तहसीलदार बेहट की आख्या पर एडीएम वित्त एवं राजस्व के यहां से चार लोगों पर जुर्माना ठोक दिया गया है। वहीं, स्वच्छ छवि के जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कड़ा रुख अपना लिया है। माना जा रहा है कि अवैध खनन और परिवहन पर पूरी तरह लगाम लगाई जाएगी, ताकि राजस्व की हानि न होने पाए।
यह बताने की जरूरत नहीं कि खनन के लिए सहारनपुर पूरे सूबे में बदनाम रहा है। चाहे सपा सरकार रही हो या फिर बसपा की। जमकर अवैध खनन किया गया। भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यानथ का साफ निर्देश है कि किसी सूरत में नियमों का उल्लंघन कर खनन न होने पाए। लेकिन, माफिया बाज नहीं आ रहे हैं। इन दिनों ढिक्का कलां, असलमपुर बरथा, नाई माजरा जैसी जगहों पर रेत का अवैध रूप से खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। ढिक्का कलां में तो हरदीप हत्याकांड के एक आरोपी की देखरेख में यमुना की कोख छलनी की जा रही है। बेहट क्षेत्र और मिर्जापुर में भी कमोवेश यही हो रहा है। इस बाबत पिछले दिनों सुरेंद्र पुत्र रनपाल निवासी ग्राम असलमपुर बरथा ने एडीएम के यहां शिकायती पत्र दिया था, जिसमें कहा था कि-कृषि पट्टों पर अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। इस पर एडीएम वित्त व राजस्व ने जांच बिठा दी। तहसीलदार ने अब आख्या दी है और उसी बिनाह पर पप्पन पुत्र रामस्वरूप, निवासी टटोहल तहसील बेहट क्षेत्र, असर पुत्र मेंहदी निवासी ननौली बेहट, अतीक पुत्र शकूलत निवासी ननौली बेहट तथा अरशद निवासी ननौली बेहट को अवैध खनन का दोषी पाया गया है। खान अधिकारी ने तहसीलदार को लेकर मौके पर जांच की है।
उन्होंने भी पाया कि असलमपुर बरथा के यमुना नदी के खसरा नंबर-1 से बार-बार अवैध रूप से रेत व बोल्डर का खनन किया जा रहा है। 696 घन मीटर साधारण बालू का अवैध खनन कर परिवहन किया गया है। ऐसे में एडीएम वित्त एवं राजस्व रजनीश मिश्र ने इन चारों पर सात लाख इकहत्तर हजार चार सौ चालीस की राशि की वसूली करने को नोटिस भेज दिया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पूर्व में जिलाधिकारी की उपस्थिति में हुई टास्क फोर्स की बैठक में क्रशर यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप राणा ने खुद प्रस्ताव दिया था कि अवैध प्रपत्रों पर अगर परिवहन होता पाया जाए तो संबंधित स्टोन क्रशर से पांच लाख जुर्माना राशि वसूली जाए। बहरहाल, अब राणा के प्रस्ताव पर अगर पूरी तरह अमल हुआ तो अवैध रूप से खनिज परिवहन करने वालों की हालत पतली हो जाएगी। फिलहाल, प्रशासन की कार्रवाई से खलबली मची है। यह भी बता दें कि खनन को लेकर सपा की सरकार में सरसावा क्षेत्र में खूनी टकराव हुआ था, जिसमें अवैध असलाहों से गोलियों की खनन माफिया ने बौछार की थी। इस दफा एक व्यक्ति की जान भी चली गई थी। अगर फिर इस तरह खादर में खूनी खेल होता है तो इससे शासन की छवि खराब होगी, लिहाजा अधिकारी कोई कच्ची गोली नहीं खेलना चाहते।
वर्जन:-
तहसीलदार और खान अधिकारी की मौजूदगी में अवैध खनन पाया गया। चार लोगों के खिलाफ वसूली का नोटिस जारी किया गया है। किसी भी सूरत मेें न तो अवैध खनन होने पाएगा, न ही परिवहन। राजस्व की हानि कदापि नहीं होने दी जाएगी।
-रजनीश मिश्र, एडीएम वित्त एवं राजस्व।

