- मानक के अनुसार बच्चों के बस्ते अधिक भारी
- पहली कक्षा के बच्चों का बस्ता हो एक किलो तक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना के चलते पिछले दो वर्ष से स्कूल बंद होने की वजह से बच्चों की आॅनलाइन कक्षाएं चल रही थी। मगर अब सभी स्कूल खुल चुके हैं। दिसंबर 2020 में शिक्षा मंत्रालय द्वारा नई स्कूल बैग नीति 2020 के तहत कई उपायो की घोषणा की गई थी।

नई शिक्षा नीति में कक्षा एक से दसवीं तक के छात्रों का स्कूल बैग का भार उनके शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। नियमित आधार पर स्कूल के बैग के वजन की निगरानी करनी चाहिए, क्योंकि उनके भारी भरकम बैग का असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
तीसरी कक्षा के बच्चों के बैग का वजन पांच किलो से ज्यादा
बैग पॉलिसी 2020 के अनुसार 12वीं तक के छात्रों का स्कूली बैग 5 किलो या फिर उससे कम होना चाहिए। मगर हकीकत कुछ और ही है स्कूल प्राइवेट प्रकाशकों की बुक लगाने के चक्कर में मानकों को अनदेखा कर देते है जिसका असर बच्चों पर पड़ रहा है। सूत्रों की माने तो अधिकांश स्कूलों में छात्रों के बैग का वजन पांच किलो से ज्यादा है।
दूसरी कक्षा में होमवर्क नहीं
नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा दूसरी तक के विद्यार्थियों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। कक्षा 3 से 6 के लिए साप्ताहिक 2 घंटे तक का होमवर्क, कक्षा 6 से 8वीं के लिए प्रतिदिन एक घंटे का होमवर्क और कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए अधिकतम दो घंटे का होमवर्क सीमित होना चाहिए।
स्कूली बच्चों का हाल
हर रोज भारी भरकम बैग को कंधों पर टांगना और फिर घर से किसी एक स्पॉट पर जाकर बस में बैठना। स्कूल में यदि बच्चे का क्लॉस रुम ऊपर है तो फिर बैग के बोझ को ढोते हुए तीन मंजिल तक सीढियों को चढ़ना। यह हाल शहर के अधिकांश सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबंधित स्कूलों का है। मिडिल स्कूलों के बच्चों के बैग का बोझ हर रोज कम से कम 6 से 8 किलो होता है, जो कि मानक अनुसार नहीं है। जबकि बच्चों का खुद का भार 30 से 35 किलो होता है। कक्षा 6 के छात्रों को अपने बैग में 12 से 16 किताबें ले जानी पड़ती है। पानी की बोतल और लंच बॉक्स का वजन अलग।
इस प्रकार है दिशा-निर्देश
- नई शिक्षा नीति के तहत प्रकाशकों को किताबों के पीछे उसका वजन भी छापना होगा।
- पहली कक्षा में कुल तीन किताबें होगी, जिनका वजन 1,078 ग्राम तक होगा।
- 12वीं में 6 किताबें होगी जिनका वजन 4,182 ग्राम तक होगा।
- लंच बॉक्स और बैग का वजन भी शामिल।
बैग का वजन निर्धारित
कक्षा वजन
प्री प्राइमरी नो बैग
दूसरी तक 1.6-2.2 किग्रा
पांचवीं तक 1.7-2.5 किग्रा
सातवीं तक 2.0-3.0 किग्रा
आठवीं 2.5-4.5 किग्रा
10वीं 2.5-4.5 किग्रा
12वीं 3.5-5.0 किग्रा
इनका है कहना
गॉडविन पब्लिक स्कूल प्रधानाचार्य डा. विन्रम शर्मा का कहना है कि जिन स्कूलों में प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें अधिक लगा दी जाती है
उन स्कूलों के बच्चों के बैग का वजन बढ़ जाता है। एनसीआरटी द्वारा प्रस्तावित किताबें कोर्स में लगाई जाए तो बैग भारी नहीं है।
जीटीबी स्कूल प्रधानाचार्य डा. कमलेंद्र सिंह का कहना है कि बच्चों का बैग भारी नहीं किया जाता।
कुछ अभिभावक बच्चों के बैग पर ध्यान नहीं देते और वह सारी किताबों को बैग मेें रखकर स्कूल भेज देते हैं, उससे भी बचने की जरूरत है। क्योंकि ज्यादतर स्कूल मानक अनुसार बैग का प्रयोग करा रहे हैं।



