जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने रविवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने समाजवादी पार्टी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग संविधान के खिलाफ है, क्योंकि देश में धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के दिन विपक्ष ने महिलाओं की अपेक्षाओं को ठेस पहुंचाई और उस दिन को “काला दिन” बना दिया।
उन्होंने दावा किया कि महिलाएं इस मुद्दे पर लगातार विरोध कर रही हैं और आने वाले समय में अपने वोट की ताकत से विपक्ष को जवाब देंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा?
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में चार वर्ग—नारी, युवा, गरीब और किसान—की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवाद के नाम पर देश को कमजोर करने वालों के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक चुनौती है, इसलिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसका विरोध कर रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि महिला आरक्षण को लागू करते समय यह सुनिश्चित किया गया कि किसी का हक न मारा जाए। उन्होंने बताया कि 2011 की जनगणना के आधार पर उत्तर और दक्षिण भारत में सीटों को संतुलित तरीके से बढ़ाने की योजना बनाई गई थी, ताकि महिलाओं को उनका अधिकार मिल सके।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद के विशेष सत्र के दौरान इंडी गठबंधन की टिप्पणियां “द्रौपदी के चीरहरण” जैसी थीं। उन्होंने समाजवादी पार्टी द्वारा मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग को संविधान की मूल भावना के विपरीत बताया।
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने अतीत में भी महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर गलत रुख अपनाया, चाहे वह शाह बानो मामला हो या ट्रिपल तलाक कानून। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ट्रिपल तलाक पर कानून लाए जाने का भी इन दलों ने विरोध किया था।
सीएम ने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस, सपा और अन्य दल नारी, युवा, किसान और गरीब के लिए ठोस काम नहीं कर पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल प्रगतिशील कदमों में बाधा डालते हैं और राजनीतिक स्वार्थ के लिए षड्यंत्र करते हैं।

